याचिका में 25 दिसंबर, 2025 को जारी 157 शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्ति सूची को चुनौती देते हुए आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2013 की राजपत्र अधिसूचना में नि…और पढ़ें

HighLights
- महाधिवक्ता से मांगा पूरा चयन रिकार्ड।
- अगली सुनवाई 10 अगस्त को की जाएगी।
- निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने महाधिवक्ता कार्यालय में 157 सरकारी वकीलों की नियुक्तियों को चुनौती देने वाली याचिका पर कड़ा रुख अपनाते हुए महाधिवक्ता से पूरी चयन प्रक्रिया का रिकार्ड तलब किया है।
कोर्ट ने पूछा है कि आवेदन आमंत्रित करने के बाद चयन का मानदंड क्या था और किन आधारों पर उम्मीदवारों का चयन किया गया। दरअसल, यह याचिका मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जबलपुर के सह सचिव योगेश सोनी ने दायर की है।
याचिका में 25 दिसंबर, 2025 को जारी 157 शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्ति सूची को चुनौती देते हुए आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2013 की राजपत्र अधिसूचना में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
मामले में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डीके जैन और पूर्व सचिव पारितोष त्रिवेदी भी पक्षकार हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पैरवी की।
सुनवाई के दौरान कुछ सरकारी वकीलों ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। इस पर कोर्ट ने टिप्पणी की कि जो सरकारी वकील प्रतिदिन दूसरों के जवाब तैयार करते हैं।
क्या उनके पास अपना जवाब तैयार करने का समय नहीं है। कोर्ट ने कहा कि समय पर जवाब नहीं देने पर इसे राज्य सरकार के जवाब से सहमति माना जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी।
