कोर्ट ने सतपुड़ा हास्पिटैलिटी साल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, जबलपुर की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से पूछा कि जब घटना केवल स्विमिंग पूल से संबं…और पढ़ें

HighLights
- चार सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने का समय दिया
- याचिका की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी
- घटना की जांच, आपराधिक कार्रवाई अथवा सुरक्षा संबंधी कदम अलग विषय हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने अपने महत्वपूर्ण आदेश में स्पष्ट किया है कि किसी रिसाॅर्ट में हुई एक दुर्घटना अपने-आप पूरे प्रतिष्ठान को सील करने का वैधानिक आधार नहीं बन जाती।
कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन का दायित्व
कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन का दायित्व है। यदि सीलिंग का आदेश पूरे परिसर पर लागू किया जाता है तो उसके समर्थन में ठोस और विधिसम्मत कारण भी दर्ज होने चाहिए। कारणों के अभाव में अदालत ने निसर्ग रिसाॅर्ट को तत्काल डी-सील करने का निर्देश दिया।
मौत के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति बन गई थी
राज्य शासन की ओर से दलील दी गई कि स्विमिंग पूल में हुई मौत के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति बन गई थी। इसी कारण प्रशासन ने रिसार्ट को सील करने का निर्णय लिया। इस पर अदालत ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासनिक तंत्र की जिम्मेदारी है, इसे किसी निजी प्रतिष्ठान पर नहीं डाला जा सकता।
पूरे रिसार्ट को बंद कर देना न्यायसंगत नहीं
कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि स्विमिंग पूल में मृत्यु हुई है तो उस घटना की जांच, आपराधिक कार्रवाई अथवा सुरक्षा संबंधी कदम अलग विषय हैं, लेकिन केवल उसी आधार पर पूरे रिसार्ट को बंद कर देना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता। आदेश में भी ऐसा कोई कारण दर्ज नहीं है जिससे यह सिद्ध हो कि संपूर्ण परिसर को सील करना आवश्यक था।
चार सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने का समय
इन्हीं टिप्पणियों के साथ हाई कोर्ट ने प्रशासन को तत्काल रिसर्ट डी-सील करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने का समय दिया है। याचिका की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।
