शहर के उभरते कलाकार गौरव दवे अंगदान कर अमर हो गए। डॉक्टरों द्वारा ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद सोमवार सुबह 8:04 बजे उनका दिल एयरलिफ्ट कर अहमदाबाद भ…और पढ़ें

HighLights
- ब्रेन डेड घोषित होने के बाद गौरव दवे ने अंगदान कर बचाई जानें
- एयरलिफ्ट कर अहमदाबाद भेजा गया दिल, इंदौर में 68वां ग्रीन कॉरिडोर
- दुर्लभ बीमारी ‘मोयामोया’ से टूटा एक्टर बनने का सपना, मिला सम्मान
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर के उभरते कलाकार गौरव दवे अंगदान कर अमर हो गए। डॉक्टरों द्वारा ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद सोमवार सुबह 8:04 बजे उनका दिल एयरलिफ्ट कर अहमदाबाद भेजा गया, वहां यूएन मेहता अस्पताल में भर्ती 24 वर्षीय युवक में ट्रांसप्लांट किया गया।
जबकि लिवर और दोनों किडनी चोइथराम अस्पताल में भर्ती 22 और 52 वर्षीय महिलाओं में प्रत्यारोपित की गईं। इसके लिए इंदौर में 68वीं बार ग्रीन कॉरिडोर बना। गौरव की आंखों का कॉर्निया शंकरा आई अस्पताल में दान किया गया।
दुर्लभ बीमारी ‘मोयामोया’ ने तोड़ा एक्टर बनने का सपना
स्वजन के मुताबिक गौरव ने एक्टर बनने का सपना देखा था लेकिन मस्तिष्क की दुर्लभ बीमारी मोयामोया के चलते यह सपना अधूरा रह गया। 13 जुलाई को ब्रेन हेमरेज के बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सर्जरी हुई लेकिन आराम नहीं मिला, बाद में डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया। सोमवार को अंगदान के बाद राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ। डॉक्टरों व स्टाफ ने मानव श्रृंखला बनाकर अंतिम विदाई दी। मां कविता और पिता सतीश दवे की आंखों से अश्रु की धारा बह उठी।
