पहली बार मरम्मत के साथ ही रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत का रंग बदला जाएगा।

HighLights
- झांसी कारखाने में पहला बड़ा बदलाव
- यात्रियों को मिलेगा लग्जरी अहसास
- रोबोटिक तकनीक से बदलेगा रूप
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। रानी कमलापति से झांसी व ग्वालियर होते हुए हजरत निजामुद्दीन तक जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द ही केसरिया रंग में रंगी हुई नजर आएगी। इस ट्रेन के एक रैक को झांसी स्थित कोच फैक्ट्री पहुंचाया गया है, जहां इसमें जरूरी बदलाव करने का काम शुरू कर दिया गया है। कारखाने का रोबोट इस ट्रेन को केसरिया रंग में पेंट करेगा। झांसी कारखाने में ऐसा पहली बार होगा जब किसी वंदे भारत ट्रेन का रंग बदलने जा रहा है। इसके अलावा ट्रेन के इंटीरियर में भी जरूरी बदलाव किए जाएंगे, जिससे यात्रियों को आरामदायक यात्रा करने में आसानी होगी।
अप्रैल 2023 से हो रही है संचालित
झांसी कारखाने में वंदे भारत के कोच की ओवरहालिंग (मरम्मत) का काम प्रारंभ कर दिया गया है। अब पहली बार मरम्मत के साथ ही रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत का रंग बदला जाएगा। नीले रंग के बाद जल्द ही यह वंदे भारत केसरिया रंग से रंगी नजर आएगी। ट्रेन की बोगी, व्हील, सस्पेंशन सिस्टम आदि को अलग-अलग करके ओवरहालिंग की जाएगी। रानी कमलापति से हजरत निजामुद्दीन के बीच चलने वाली वंदे भारत एक अप्रैल 2023 से संचालित हो रही है।
यह ट्रेन भोपाल से दिल्ली तक 708 किलोमीटर का सफर 7.30 घंटे में तय करती है। इसका झांसी और ग्वालियर के साथ आगरा कैंट स्टेशन पर ठहराव है। ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलती है, जबकि शनिवार को इसका संचालन नहीं होता है। रेल कोच नवीनीकरण कारखाने के मुख्य कारखाना प्रबंधक अतुल कनौजिया के मुताबिक रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत केसरिया रंग की होने जा रही है। झांसी कारखाने में काम शुरू कर दिया गया है। इसमें कई और महत्वपूर्ण काम किए जाएंगे, जो यात्रियों को राहत देने का काम करेंगे।
यह बदलाव भी होंगे
- मोबाइल चार्जिंग प्वाइंटों तक पहुंच के बेहतर इंतजाम किए जाएंगे।
- एग्जिक्यूटिव चेयर कार में फुट रेस्ट को पहले से अधिक बढ़ाया जाएगा, ताकि यात्रियों को बेहतर लेग स्पेस मिल सके।
- सीट में और बेहतर कुशन लगेंगे, जिनसे यात्री को थकान नहीं होगी।
- वाशबेसिन की गहराई और टायलेट्स की लाइटिंग में भी बदलाव होगा।
