शिकायत के बाद सिरोल थाना पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज ई-जीरो एफआईआर के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

HighLights
- आर्मी अफसर बताकर फर्जी दस्तावेजों से जीता भरोसा
- होम डिलीवरी और ट्रांसफर के नाम पर 17 ट्रांजेक्शन
- साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत, पुलिस जांच में जुटी
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। OLX पर सस्ती सेकेंड हैंड कार खरीदने की चाह एक युवक को महंगी पड़ गई। खुद को आर्मी अधिकारी बताने वाले साइबर ठग ने स्विफ्ट डिजायर कार बेचने का झांसा देकर होम डिलीवरी और वाहन ट्रांसफर के नाम पर 17 अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 1.13 लाख रुपये से अधिक ठग लिए। जब कार नहीं पहुंची और आरोपित ने अतिरिक्त रुपये की मांग की, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। शिकायत के बाद सिरोल थाना पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज ई-जीरो एफआईआर के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
व्हाट्सएप पर आरोपी ने कार की तस्वीरें भेजी
सिरोल थाना क्षेत्र के कादंबरी नगर निवासी अनुराग शर्मा (39) ने पुलिस को बताया कि छह जुलाई को उन्होंने ओएलएक्स पर 1.50 लाख रुपये में स्विफ्ट डिजायर कार का विज्ञापन देखा था। अगले दिन विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर सामने वाले ने अपना नाम रंजीत सिंह राणा बताते हुए खुद को आगरा कैंट में पदस्थ सेना का अधिकारी बताया।
आरोपी ने व्हाट्सएप पर कार की तस्वीरें, आरसी और अन्य दस्तावेज भेजकर भरोसा जीत लिया। इसके बाद उसने वाहन ट्रांसफर और होम डिलीवरी की प्रक्रिया बताकर पीड़ित से पहचान संबंधी दस्तावेज मंगवाए और एक क्यूआर कोड भेजकर पहले पांच हजार रुपये जमा करा लिए।
पुलिस जांच शुरू की
इसके बाद अलग-अलग क्यूआर कोड और बैंक खातों की जानकारी भेजकर कई किश्तों में रुपये जमा कराए गए। अनुराग ने गूगल पे, फोनपे और आइएमपीएस के माध्यम से कुल 17 ट्रांजेक्शन में 1,13,500 रुपये भेज दिए। इसके बावजूद आरोपी ने 26,500 रुपये और मांगे। देर शाम तक कार नहीं पहुंची और संपर्क भी संदिग्ध लगने पर पीड़ित को साइबर ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर सिरोल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर मोबाइल नंबर, बैंक खाते और यूपीआई आइडी की जांच शुरू कर दी है।
