शिकायतों के निराकरण में देरी से नाराज लोगों द्वारा आत्मदाह की कोशिश के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। …और पढ़ें

HighLights
- जमीन विवाद से परेशान युवक ने कलेक्ट्रेट में खुद पर डाला घासलेट
- कलेक्टर ने चैंबर में बुलाकर सुनी समस्या, अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट
- पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर शुरू की जांच
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। शिकायतों के निराकरण में देरी से नाराज लोगों द्वारा आत्मदाह की कोशिश के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। मंगलवार को जनसुनवाई में एक किसान द्वारा खुद पर पेट्रोल डालने की घटना के बाद शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में एक युवक ने घासलेट डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने समय रहते उसे रोक लिया।
क्या है मामला
घटना शुक्रवार दोपहर उस समय हुई, जब कलेक्टर मिशा सिंह कार्यालय से बाहर निकल रही थीं। युवक को आत्मदाह की कोशिश करते देख कलेक्टर वापस अपने चैंबर में पहुंचीं और उसे बुलाकर उसकी समस्या सुनी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को तलब कर मामले की जानकारी ली गई। बाद में युवक को स्टेशन रोड थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार नामली निवासी रमेश कुमावत दोपहर करीब दो बजे कलेक्ट्रेट पहुंचा था। उसने आरोप लगाया कि उसकी जमीन के मामले में वर्षों से सुनवाई नहीं हो रही है। विरोध जताने के लिए उसने अपने ऊपर घासलेट डाल लिया।
कलेक्टर ने रतलाम ग्रामीण एसडीएम विवेक सोनकर और तहसीलदार आशीष उपाध्याय को बुलाकर पूरे मामले की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद स्टेशन रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को थाने ले गई।
10 बीघा जमीन को लेकर विवाद
रमेश कुमावत का कहना है कि उसकी कुछ भूमि पहले शासकीय घोषित कर दी गई थी और करीब ढाई बीघा जमीन बिजली कंपनी के लिए अधिग्रहित कर ली गई। अब वह 10 बीघा जमीन अपने नाम दर्ज कराने की मांग कर रहा है। उसका आरोप है कि पिछले छह वर्षों से वह लगातार कार्यालयों के चक्कर काट रहा है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा।
वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि युवक अपनी पूरी जमीन बेच चुका है और अब अतिरिक्त भूमि की मांग कर रहा है। मामले की जांच जारी है और राजस्व अभिलेखों की समीक्षा की जा रही है।
मुख्य सचिव जता चुके हैं नाराजगी
गौरतलब है कि हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने जनसुनवाई और सरकारी कार्यालयों में आत्मदाह के प्रयास तथा पेट्रोल-घासलेट डालकर विरोध की बढ़ती घटनाओं पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए थे।
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