नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। प्रदेश में खसरा और रूबेला के बढ़ते मामलों को देखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार की चेतावनी के बाद अब प्रदेशभर में घर-घर सर्वे कर उन बच्चों की पहचान की जाएगी, जो टीकाकरण से वंचित रह गए हैं। इसके बाद आठ जून से 19 जून तक विशेष टीकाकरण कैच-अप अभियान चलाया जाएगा।
खसरा-रूबेला को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य
भारत सरकार ने दिसंबर 2026 तक देश से खसरा-रूबेला को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य तय किया है। हालांकि प्रदेश में एमआर टीकाकरण कवरेज 95 प्रतिशत से अधिक होने के बावजूद लगातार मामले सामने आ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार अप्रैल से जुलाई तक का समय “लो ट्रांसमिशन सीजन” माना जाता है, यानी इस दौरान संक्रमण का फैलाव अपेक्षाकृत कम होता है। इसी वजह से इस अवधि में छूटे हुए बच्चों को टीके लगाने की रणनीति बनाई गई है।
ऐसे चलेगा अभियान
20 मई से पांच जून 2026 तक
प्रदेश के सभी जिलों में स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर हेडकाउंट सर्वे करेंगे। इस दौरान उन बच्चों की सूची तैयार की जाएगी, जिन्हें किसी कारणवश टीका नहीं लग पाया है।
आठ से 19 जून 2026 तक
विशेष कैच-अप अभियान के तहत चिन्हित सभी बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा।
पोर्टल डेटा से होगा मिलान
अभियान में आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम और एमपीडब्ल्यू को जिम्मेदारी दी गई है। एक से पांच वर्ष तक के बच्चों का डेटा समग्र पोर्टल और शून्य से एक वर्ष तक के बच्चों की जानकारी अनमोल पोर्टल से ली जाएगी। इसके बाद मैदानी सर्वे से मिलान कर वास्तविक स्थिति तय की जाएगी।
पहले दी जाएगी प्रशिक्षण
अभियान शुरू होने से पहले स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए आनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसमें आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, एएनएम, एमपीडब्ल्यू और अन्य स्वास्थ्य अधिकारी शामिल होंगे। जिला और ब्लाक स्तर के अधिकारी भी इसकी निगरानी करेंगे।
केंद्र ने जताई थी चिंता
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 21 अप्रैल को मध्यप्रदेश सरकार को पत्र लिखकर खसरा-रूबेला के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई थी। रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से मार्च 2026 के बीच प्रदेश में 1134 मामले सामने आए।
रतलाम, मुरैना और भिंड जैसे जिलों में हालात अधिक गंभीर बताए गए हैं। वहीं भोपाल में कागजों पर 122.5 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज दर्ज होने के बावजूद 65 नए मामले सामने आने से सरकारी आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं।
कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर सर्वे करेंगी और छूटे हुए बच्चों को सुरक्षा कवच उपलब्ध कराया जाएगा।
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