परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन) पूर्ण होने के बावजूद उन्हें अब तक परिवीक्षा पूर्णता प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए हैं। इसका सीधा असर उनकी वार्षिक वेतनवृद्धि, …और पढ़ें

HighLights
- परिवीक्षा अवधि पूरी, फिर भी आदेश लंबित।
- सैकड़ों शिक्षक वेतनवृद्धि से हो सकते हैं वंचित।
- मप्र के शिक्षक एरियर से वंचित हो सकते हैं।
नईदुनिया प्रतिनिधि,जबलपुर। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में तीन वर्ष पूर्व नियुक्त हुए सैकड़ों शिक्षक विभागीय उदासीनता के कारण परेशान हैं। परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन) पूर्ण होने के बावजूद उन्हें अब तक परिवीक्षा पूर्णता प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए हैं। इसका सीधा असर उनकी वार्षिक वेतनवृद्धि, महंगाई भत्ता एरियर तथा अन्य वित्तीय लाभों पर पड़ने की आशंका है।
जबलपुर सहित प्रदेश के कई जिलों के शिक्षक इस समस्या से जूझ रहे हैं। जुलाई माह में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वार्षिक वेतनवृद्धि लागू की जाती है, लेकिन इसके लिए परिवीक्षा अवधि पूर्णता प्रमाण पत्र आवश्यक दस्तावेज माना जाता है। बड़ी संख्या में शिक्षकों के पास यह प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है, जिससे वे आगामी वेतनवृद्धि के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
पोर्टल पर नहीं दिख रही जानकारी
- शिक्षकों का कहना है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और संभागीय कार्यालय में जानकारी लेने पर उन्हें बताया जाता है कि प्रमाण पत्र ऑनलाइन जारी किए जा रहे हैं।
- विशेष रूप से उच्च माध्यमिक शिक्षकों के लिए यह प्रमाण पत्र 3.0 पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाना है, लेकिन पोर्टल पर लागिन करने पर अधिकांश शिक्षकों को कोई जानकारी प्रदर्शित नहीं हो रही है।
- समस्या के समाधान के लिए जब शिक्षक स्थानीय अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं, तब जिम्मेदारी लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ), भोपाल पर बताकर मामला टाल दिया जा रहा है। इससे शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
तीन वर्षों तक मिला कम वेतन
उल्लेखनीय है कि नई नियुक्ति के बाद शिक्षकों को परवीक्षा अवधि के दौरान चरणबद्ध तरीके से वेतन दिया गया। पहले वर्ष मूल वेतन का 70 प्रतिशत, दूसरे वर्ष 80 प्रतिशत और तीसरे वर्ष 90 प्रतिशत वेतन का भुगतान किया गया। अब परवीक्षा अवधि पूर्ण होने के बाद शिक्षकों को नियमित वित्तीय लाभ मिलने की उम्मीद थी, लेकिन प्रमाण पत्र जारी न होने से यह प्रक्रिया अटक गई है।
एरियर भुगतान भी रुका
- शिक्षकों के अनुसार विभागीय नियमों के तहत परवीक्षा अवधि पूर्णता प्रमाण पत्र जारी होने के बाद ही बढ़े हुए भत्तों और अन्य देयकों का एरियर भुगतान किया जाता है।
- पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार द्वारा महंगाई भत्ते (डीए) में कई बार वृद्धि की गई, लेकिन प्रमाण पत्र के अभाव में शिक्षकों को केवल बढ़ी हुई दरों का लाभ मिला, जबकि एरियर राशि का भुगतान नहीं किया गया।
- अब शिक्षकों को आशंका है कि यदि जुलाई से पहले प्रमाण पत्र जारी नहीं हुए, तो वे वार्षिक वेतनवृद्धि और लंबित एरियर जैसे महत्वपूर्ण वित्तीय लाभों से भी वंचित रह जाएंगे।
शिक्षकों की यह मांग
शिक्षकों ने लोक शिक्षण संचालनालय और स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि परवीक्षा अवधि पूर्ण कर चुके सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्र तत्काल जारी किए जाएं, ताकि उन्हें समय पर वेतनवृद्धि, एरियर और अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त हो सकें। विभागीय देरी का खामियाजा शिक्षकों को न भुगतना पड़े, इसके लिए शीघ्र निर्णय लेने की आवश्यकता बताई जा रही है।
2025 में गई फाइल अब तक अमल नहीं
जबलपुर समेत प्रदेश भर से सैकड़ों शिक्षकों की परवीक्षा अवधि पूर्ण होने के पश्चात दस्तावेजों का सत्यापन हुआ और जिला स्तर से संभागीय कार्यालय फिर डीपीआई भोपाल को भेजा गया है। जबलपुर संभागीय कार्यालय की जानकारी के अनुसार अक्टूबर-नवंबर में भेजे गए प्रकरणों पर भी अब तक प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है।
