पिपलानी स्थित विवादित जमीन पर निर्माण कार्य रोकने के लिए भेल ने एनएचएआई को नोटिस भेजते हुए कोर्ट के अंतिम फैसले तक काम नहीं करने की चेतावनी दी।

HighLights
- पिपलानी स्थित विवादित जमीन पर निर्माण कार्य का मामला
- भेल ने एनएचएआई को नोटिस भेजा, कोर्ट के फैसले तक काम रुका
- सड़क चौड़ीकरण के लिए भूमि और मुआवजे को लेकर है विवाद
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल-विदिशा राष्ट्रीय राजमार्ग 146 के चौड़ीकरण को लेकर भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के बीच जमीन के मुआवजे को लेकर मामला चल रहा है।
इसके मद्देनजर भेल प्रबंधन ने एनएचएआई को एक आधिकारिक नोटिस भेजकर चेतावनी दी है कि पिपलानी स्थित विवादित जमीन पर भेल का मालिकाना हक है।
मामला कोर्ट में विचाराधीन
इस जमीन पर जबलपुर हाईकोर्ट ने पहले से ही भेल के पक्ष में स्थगन आदेश दे रखा है। भेल प्रबंधन का कहना है कि जब तक मामला कोर्ट में लंबित है, तब तक वहां कोई भी निर्माण कार्य गैर-कानूनी होगा।
आंदोलन की चेतावनी
सीटू यूनियन के कार्यवाहक महामंत्री दीपक गुप्ता ने कहा कि एनएचएआई को सिर्फ सड़क चौड़ीकरण के लिए जगह दी थी, न कि किसी अन्य निर्माण कार्य के लिए। उन्होंने कहा यदि इस भूमि का उपयोग किसी दूसरे काम के लिए किया तो भेल कर्मचारी उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
एनएचएआई को पत्र भेजा जा चुका है, फिलहाल चौड़ीकरण के अलावा किसी अन्य निर्माण की आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन उचित मुआवजे को लेकर एनएचएआइ से बातचीत चल रही है। – उपेंद्र सिंह, पीआरओ, भेल भोपाल
