यहां पुलिस से खुद एक बड़ी चूक हो गई। वह स्वयं बिना लाइफ जैकेट के ही नाव पर सवार होकर नर्मदा की बीच धारा में पहुंच गए। इसे सतर्कता कहेंगे या लापरवाही? …और पढ़ें

HighLights
- बरगी बांध में 30 अप्रैल 2026 को हुए था क्रूज हादसा
- क्रूज हादसे की न्यायिक जांच विधिवत शुरू हुई
- सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति ने बनाया था एकल सदस्यीय जांच आयोग
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बरगी बांध में क्रूज हादसा में 13 जानें के बाद भी लापरवाही देख सकते हैं। सर्च ऑपरेशन के दौरान गौरी घाट में पुलिस पहुंची है।
तैराकी के दौरान लाइफ जैकेट पहनी है कि नहीं

पुलिस यह देखने के लिए गई थी कि नाव में बैठे या तैराकी के दौरान लाइफ जैकेट पहनी है कि नहीं। यहां पुलिस से खुद एक बड़ी चूक हो गई। वह स्वयं बिना लाइफ जैकेट के ही नाव पर सवार होकर नर्मदा की बीच धारा में पहुंच गए। इसे सतर्कता कहेंगे या लापरवाही?
क्रूज हादसे में तलाश के लिये सर्च ऑपरेशन चलाया गया था

क्रूज हादसे में लापता व्यक्तियों की तलाश के लिये सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और होमगार्ड की टीमें सुबह से लापता लोगों की तलाश में लगी रहीं। बरगी बांध में क्रूज डूबने की घटना में 13 लोगों ने जान गंवाई थी
10 मई को राजपत्र में अधिसूचना का प्रकाशन किया था
राज्य शासन द्वारा बरगी बांध क्रूज हादसे की न्यायिक जांच के लिए 10 मई को राजपत्र में अधिसूचना का प्रकाशन कर जांच आयोग अधिनियम 1952 की धारा 3 के तहत मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के सेवा निवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया गया था।
कलेक्टर कार्यालय में बना आयोग का कार्यालय
दर्ज कराई जा सकेगी दुर्घटना से संबंधित शिकायत, दस्तावेज, कथन अथवा साक्ष्य एकल सदस्य जांच आयोग बरगी बांध क्रूज दुर्घटना का कार्यालय कलेक्ट्रेट कार्यालय के कक्ष क्रमांक 43 में बनाया गया था। क्रूज दुर्घटना से संबंधित व्यक्ति दुर्घटना के बारे में ऐसी जानकारी, दस्तावेज, साक्ष्य या कथन जो दुर्घटना से सम्बंधित हो, आयोग के समक्ष उपस्थित होकर दे सकते हैं।
