नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। तेज गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच फ्लूड लॉस (शरीर से पानी और खनिजों का कम होना) का खतरा पैदा हो गया है। हालात यह हैं कि अस्पतालों में लू और डिहाइड्रेशन के मरीज पहुंचने शुरू हो गए हैं। इस गर्मी में बच्चे और बड़े, दोनों ही थकान, कमजोरी, पैरों में दर्द, भूख न लगना और चक्कर आने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
इस स्थिति पर मेडिसिन विशेषज्ञ डॉक्टर मुकेश सिंह तोमर ने बताया कि तापमान में जैसे ही एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होती है, इंसानी शरीर से फ्लूड लास होने की आशंका 10 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। यही वजह है कि इन दिनों शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
गर्मी लगते ही अक्सर लोग बाजार में मिलने वाले डिब्बाबंद जूस, कोल्ड ड्रिंक्स या तथाकथित एनर्जी ड्रिंक्स का रुख करते हैं, लेकिन यह सेहत बिगाड़ सकते हैं। डॉक्टर तोमर के मुताबिक, बाजार के हाइ-शुगर ड्रिंक्स शरीर को फायदा पहुंचाने की बजाय नुकसान करते हैं। री-हाईड्रेटिंग फ्लूड ऐसा होना चाहिए जिसमें पानी, नमक और बेहद कम शुगर का संतुलन हो।
मापदंड: हर 100 एमएल ड्रिंक में शुगर की मात्रा दो प्रतिशत से कम होनी चाहिए। यहां तक कि गन्ने का रस भी सीधे पीने के बजाय, उसमें थोड़ा सा सादा पानी मिलाकर पीना सेहत के लिए ज्यादा बेहतर रहेगा।
एनर्जी ड्रिंक नहीं, ओआरएस अपनाएं
डॉक्टर अजयपाल सिंह के अनुसार शरीर में फ्लूड का संतुलन बनाए रखने के लिए महंगे और केमिकल वाले एनर्जी ड्रिंक्स की जगह हमारे पारंपरिक और घरेलू पेय सबसे बेहतर हैं। इनमें कैरी का पना (आम पन्ना) और नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी, नमक-शक्कर का घोल और डीटाक्स वाटर। वहीं बाजार के महंगे घोल की जगह घर का बना ओआरएस सबसे बेहतर है। एक लीटर साफ पानी में चुटकीभर नमक और शक्कर मिलाकर घोल तैयार करें। ध्यान रहे, इस घोल का उपयोग बनाने के 24 घंटे के भीतर ही करें।
स्पोर्ट्स और ट्रैवलिंग करने वाले रहें अलर्ट
गर्मी में अधिक पसीना आने से मांसपेशियों और हाथ-पैरों में दर्द, चक्कर व उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पर्याप्त फ्लूड लेने के बाद ही स्पोर्ट्स एक्टिविटी या एक्सरसाइज शुरू करें। ड्राइविंग, ट्रैवलिंग या फील्ड वर्क करने वाले लोग लू लगने का इंतजार न करें। दिनभर ओआरएस लेते रहें। साथ ही हल्के रंग के कपड़े पहनें, कैप, सनस्क्रीन, छाता, स्प्रे वाटर और ओआरएस घोल हमेशा साथ रखें।
