आरोपितों को जमानत मिलने के बाद पीड़ित परिवार को गवाहों को प्रभावित करने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ और महत्वपूर्ण इलेक्ट्रानिक व फारेंसिक साक्ष्य नष्ट किए …और पढ़ें

HighLights
- ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मृत्यु की स्वतंत्र व निष्पक्ष एजेंसी से कराएं जांच
- जबलपुर निवासी अधिवक्ता ने सीजेआई व सीजे को पत्र भेजकर की मांग
- गिरिबाला सिह को उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष से हटाने पर भी दिया बल
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा की भोपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच एजेंसी से कराई जाए। सीजेआई सूर्यकांत व सीजे संजीव सचदेवा को पत्र भेजकर यह मांग जबलपुर निवासी एक्टिविस्ट एडवोकेट विवेक तिवारी ने की है।
उन्होंने बताया कि ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने उनसे संपर्क कर अपनी पुत्री को न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। जिसके बाद पत्र भेजा गया है।
पत्र में कहा गया है कि भोपाल के कटारा हिल्स थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 133/2026 में दहेज प्रताड़ना, मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न तथा संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
मामले की एक आरोपित सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुकी हैं और वर्तमान में उपभोक्ता आयोग, भोपाल में पदस्थ हैं। इसलिए पीड़ित परिवार के मन में जांच की निष्पक्षता को लेकर आशंका उत्पन्न हो रही है। इसलिए आरोपित को तत्काल उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पद से हटाया भी जाए।
अधिवक्ता विवेक तिवारी ने अपने प्रतिनिधित्व में एम्स भोपाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट में एंटी-मार्टम हैंगिंग, शरीर पर कई चोटों के निशान व फारेंसिक सैंपल सुरक्षित रखे जाने जैसी महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं, जो मामले को अत्यंत गंभीर बनाती हैं।
आरोपितों को जमानत मिलने के बाद पीड़ित परिवार को गवाहों को प्रभावित करने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ और महत्वपूर्ण इलेक्ट्रानिक व फारेंसिक साक्ष्य नष्ट किए जाने की आशंका है।
लिहाजा, मामले की स्वतंत्र एजेंसी या उच्च स्तरीय निगरानी में जांच कराई जाए। सभी इलेक्ट्रानिक व फारेंसिक साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं व पीड़ित परिवार और गवाहों को सुरक्षा प्रदान की जाए।
दहेज मृत्यु का मामला महज एक परिवार का निजी विवाद नहीं बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है।
