नोटिस में विभाग ने कहा कि जबलपुर के सहायक आबकारी आयुक्त ने छह सितंबर को आदेश जारी करके जिले में सागर गोल्ड ब्रांड की शराब के विक्रय पर पूरी तरह प्रतिब…और पढ़ें

HighLights
- बिना जांच ‘जहरीली’ घोषित कर दी शराब
- सहायक आबकारी आयुक्त को नोटिस
- सक्षम प्राधिकारी से भी नहीं ली थी अनुमति
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से मौतों के बीच जबलपुर में सागर गोल्ड शराब की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी करना सहायक आबकारी आयुक्त जबलपुर संजीव दुबे को भारी पड़ गया। उन्होंने इस ब्रांड की शराब को जहरीली और इसके सेवन से बंडा में लोगों की मृत्यु का उल्लेख करते हुए जबलपुर में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध का आदेश जारी कर दिया। इसे सिविल सेवा आचरण नियम के विपरीत मानते हुए वाणिज्यिक कर विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है।
हालांकि नोटिस मिलने के बाद सहायक आयुक्त ने आदेश परिवर्तित कर दिया। नोटिस में विभाग ने कहा कि जबलपुर के सहायक आबकारी आयुक्त ने छह सितंबर को आदेश जारी करके जिले में सागर गोल्ड ब्रांड की शराब के विक्रय पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के लिए सागर जिले के बंडा में हुई घटना को आधार बनाया है। जबकि, शराब को जहरीला मानने के लिए कोई रासायनिक परीक्षण नहीं कराया गया और न ही किसी प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट उपलब्ध थी।
अफसर को अब 15 दिन में देना होगा जवाब
आदेश जारी करने से पहले किसी सक्षम प्राधिकारी से अनुमति या निर्देश नहीं लिए गए। इसे गंभीर मामला मानते हुए विभाग ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के प्रविधान के अनुसार कारण बताओ नोटिस कर 15 दिन के भीतर लिखित जवाब मांगा है। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय निर्णय लिया जाएगा।
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दो दिन में पकड़ी 7,825 लीटर शराब
उधर, आबकारी विभाग ने अवैध शराब के विरुद्ध चलाए गए अभियान में दो दिन में 7,825 लीटर शराब जब्त की है। इसमें गैर कानूनी तरीके से शराब बनाने, परिवहन, बिक्री और मानवीय उपयोग के लिए अनुपयुक्त शराब के आयात या विकृत स्पिरिटयुक्त निर्मित को परिवर्तित करने संबंधी प्रविधान के अनुसार की गई कार्रवाई शामिल हैं। अवैध गतिविधियों में लिप्त 636 लोगों को आरोपित बनाया गया है।
