स्थिति को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और अधिवक्ता सुबह से ही परिसर में मौजूद रहे।

HighLights
- मोहम्मद शफीक और उसकी हिंदू प्रेमिका ने दिया था आवेदन
- पंजीयन अधिकारी के समक्ष दोनों पक्षों की ओर से तर्क रखे गए
- हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और सनातन धर्म से जुड़े अधिवक्ता पहुंचे
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। अंतरधार्मिक विवाह के एक आवेदन को लेकर मंगलवार को जबलपुर कलेक्ट्रेट में सुबह से शाम तक गहमागहमी रही। शाम को विवाह पंजीयन अधिकारी के समक्ष दोनों पक्षों की ओर से तर्क रखे गए।
प्रस्तुत विवाह आवेदन से जुड़ा था मामला
सुनवाई के बाद विवाह पंजीयन अधिकारी ने मोहम्मद शफीक और उसकी हिंदू प्रेमिका के विवाह आवेदन को निरस्त कर दिया। मामला अधारताल निवासी मोहम्मद शफीक और उसकी हिंदू प्रेमिका के स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत प्रस्तुत विवाह आवेदन से जुड़ा था।
तर्क सुनने के लिए समय निर्धारित था
मंगलवार को आवेदन पर आई आपत्तियों और पक्षकारों के तर्क सुनने के लिए समय निर्धारित था। सुबह से ही कलेक्ट्रेट परिसर में विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और सनातन धर्म से जुड़े अधिवक्ता पहुंच गए थे। शाम करीब पांच बजे मुस्लिम पक्ष के लोग भी विवाह पंजीयन अधिकारी के समक्ष उपस्थित हुए।
मां की ओर से आपत्ति
हिंदू प्रेमिका की मां की ओर से अधिवक्ता विवेक तिवारी ने आवेदन पर आपत्ति दर्ज कराई। विवाह पंजीयन अधिकारी के समक्ष मोहम्मद शफीक पर हिंदू प्रेमिका के माता-पिता के साथ मारपीट करने, तेजाब से जलाने की धमकी देने सहित अन्य आरोप लगाए।
गहने चोरी किए जाने के संबंध में भी आरोप
आपत्ति पक्ष की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि मोहम्मद शफीक पूर्व में हिंदू प्रेमिका को अपने साथ ले जा चुका है और घर से गहने चोरी किए जाने के संबंध में भी आरोप हैं।
प्रेमिका के माता-पिता की सुरक्षा को लेकर आशंका
अधिवक्ता ने तर्क दिया कि इन परिस्थितियों को देखते हुए हिंदू प्रेमिका के माता-पिता की सुरक्षा को लेकर आशंका है और भविष्य में किसी अप्रिय घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने विवाह आवेदन निरस्त करने की मांग की।
मुस्लिम पक्ष ने रखे कानूनी तर्क
मोहम्मद शफीक की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने आवेदन का बचाव करते हुए कहा कि स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत प्रस्तुत विवाह आवेदन कानूनी प्रविधानों के अनुरूप है। केवल आपत्ति लगाए जाने के आधार पर आवेदन निरस्त नहीं किया जा सकता। मुस्लिम पक्ष की ओर से अपने तर्क के समर्थन में विभिन्न न्यायालयों के निर्णय भी विवाह पंजीयन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।
विचार करने के बाद विवाह पंजीयन निरस्त कर दिया
प्रस्तुत दस्तावेजों एवं परिस्थितियों पर विचार करने के बाद विवाह पंजीयन अधिकारी ने मोहम्मद शफीक और उसकी हिंदू प्रेमिका का विवाह आवेदन निरस्त कर दिया। इस मामले में हिंदू धर्म सेना की ओर से मुकेश रजक और हेमराज उपाध्याय, विश्व हिंदू परिषद से आरती शुक्ला सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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