डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को मोहन कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सरकार ने सिवनी और बालाघाट के फोरलेन निर्माण पर मुहर लगा दी। अब सिवनी और बालाघाट के लोगों का सफर आसान होने जा रहा है। यह अभी यह टू-लेन मार्ग है, जो कि कई जगह घुमावदार भी है।
इस सड़क के बार-बार खराब होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो ट्रैफिक जाम भी लग जाता है। यही वजह है कि 91 किलोमीटर के सफर में लगभग 3 से 4 घंटे का समय लगता है। यह फोरलेन सड़क बनने के बाद यह सफर लगभग दो घंटे में पूरा हो जाएगा। इससे लोगों को आने-जाने में काफी आसानी मिलेगी।
इस सड़क के फोरलेन बनने से दोनों शहरों के बीच रहने वाले हजारों परिवारों की आवाजाही भी आसान हो जाएगी। यानी लगभग पांच लाख राहगीरों को इसका फायदा होगा। आसपास के क्षेत्रों को जोड़ें तो 8 से 10 लाख लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
हादसों में आएगी कमी
इसके फोरलेन बनने से छात्रों, मरीजों, किसानों और नौकरी या कारोबार के लिए आने-जाने वालों का समय बचेगा। सड़क बनने से हादसों में भी कमी आएगी। सबसे खास बात यह है कि इलाज और पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में आने-जाने वाले लोगों को समय पर पहुंचने में काफी मदद मिलेगी।
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इस स्टेट हाईवे के निर्माण के लिए सरकार ने 3961 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। फोरलेन का काम हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर होगा। यह फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और 543 को भी जोड़ेगा। इसके अलावा कैबिनेट ने प्रदेश की 22 प्रमुख सड़कों का मालिकाना हक एमपीआरडीसी को देने का निर्णय भी लिया है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इसके बदले एमपीआरडीसी राज्य सरकार को अपनी अंश पूंजी जारी करेगा। इन सड़कों से मिलने वाला टोल और अन्य राजस्व एमपीआरडीसी की आय माना जाएगा। इससे निगम कर्ज के ब्याज और मूलधन का भुगतान करेगा।
सिवनी-बालाघाट सड़क बनने से इन इलाकों के पर्यटन को भी काफी फायदा मिलने वाला है। फोरलेन सड़क से कान्हा और पेंच जैसे पर्यटन क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो जाएगी। इस मार्ग में लगभग 13 किमी का कान्हा कॉरिडोर भी शामिल रहेगा।
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कॉरिडोर और अंडरपास को जोड़ा जाएगा
इसमें लगभग 3 किमी हिस्सा अंडरपास भी होगा। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कॉरिडोर और अंडरपास को जोड़ा जाएगा। 91 किमी मार्ग में कुछ बायपास भी बनाए जाएंगे। इससे भीड़ वाले हिस्सों में यातायात का दबाव कम करने और सफर भी आसान हो जाएगा। इसके अलावा, इससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलेगी।
इसके अलावा 12 प्रमुख मार्गों के निर्माण के लिए एमपीआरडीसी को 4,600 करोड़ रुपए का बैंक कर्ज लेने की सरकारी गारंटी दी जाएगी। यह कर्ज नाबार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट असिस्टेंस (एनआईडीए) से लिया जाएगा। इनमें भोपाल-विदिशा फोरलेन, इंदौर-देपालपुर, मंदसौर-सीतामऊ और पूर्वी भोपाल बाईपास को 4 से 6 लेन करने का काम शामिल है।
