मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सेवानिवृत्त पुलिस कर्मचारियों को राहत देते हुए स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्ति के कई वर्ष बाद वेतन विसंगति या तदर्थ वेतन वृद्धि क…और पढ़ें

HighLights
- सब इंस्पेक्टर के पद से वर्ष 2017 में सेवानिवृत्त हुए थे
- 2024 को डीआईजी भोपाल ने तदर्थ वेतन वृद्धि को गलत बताया
- अतिरिक्त भुगतान की राशि पेंशन से वसूलने का आदेश दिया था
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट ने सेवानिवृत्त पुलिस कर्मचारियों को राहत देते हुए स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्ति के कई वर्ष बाद वेतन विसंगति या तदर्थ वेतन वृद्धि के नाम पर पेंशन से वसूली नहीं की जा सकती।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने राज्य सरकार की दो पुनर्विचार याचिकाएं निरस्त कर दीं।
सब इंस्पेक्टर के पद से वर्ष 2017 में सेवानिवृत्त हुए थे
मामला भोपाल निवासी रामराव भीमटे व रामायण सिंह तिवारी का है। दोनों पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर के पद से वर्ष 2017 में सेवानिवृत्त हुए थे। करीब सात वर्ष बाद 26 सितंबर 2024 को डीआईजी भोपाल ने सेवाकाल में दी गई तदर्थ वेतन वृद्धि को गलत बताते हुए अतिरिक्त भुगतान की राशि पेंशन से वसूलने का आदेश दिया।
