डिजिटल डेस्क, जबलपुर। जबलपुर रेलवे स्टेशन के पास यार्ड से सिग्नल केबल कटने के कारण रविवार को चार प्रमुख यात्री ट्रेनों के पहिए थम गए। केबल कटते ही सिग्नल सिस्टम ठप हो गया, जिससे गाड़ियां प्लेटफॉर्म पर ही खड़ी रह गईं। हालांकि चोरी गई संपत्ति की कीमत महज 6,750 रुपये थी, लेकिन इस जरा सी चोरी ने पूरे रेल सिस्टम को घंटे भर के लिए अस्त-व्यस्त कर दिया। घटना के बाद RPF ने स्टेशन परिसर में लगे सोलर पावर कैमरों की मदद से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि उसके दो साथी अभी फरार हैं।
सिग्नल फेल होते ही हरकत में आई टीम
रविवार को जबलपुर स्टेशन पर जबलपुर-रीवा एक्सप्रेस, एलटीटी-राजगीर ट्रेन, निजामुद्दीन-जबलपुर एक्सप्रेस और लखनऊ-यशवंतपुर एक्सप्रेस रवाना होने के लिए तैयार थीं। तभी अचानक सिग्नल मिलना बंद हो गया। जांच करने पर इंजीनियरिंग टीम ने पाया कि जबलपुर यार्ड में किलोमीटर नंबर 991/29 के पास बने लोकेशन बॉक्स की केबल कटी हुई है।
RPF पोस्ट प्रभारी राजीव खरब के अनुसार, इस तकनीकी व्यवधान के कारण गाड़ी संख्या 11705, 13202, 22182 और 12540 आधे से एक घंटे की देरी से रवाना हो सकीं। रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल नई केबल जोड़कर सिग्नल व्यवस्था बहाल की।
सोलर कैमरे की फुटेज से मिला सुराग
घटना के बाद RPF ने स्टेशन के आसपास सुरक्षा के लिए लगाए गए सोलर पावर स्टैंड-अलोन कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में दो संदिग्ध यार्ड की तरफ जाते दिखाई दिए। सुराग मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर गाजीनगर (गोहलपुर) निवासी 37 वर्षीय अंसारी को धर दबोचा और उसके कब्जे से चोरी की गई सिग्नल केबल बरामद कर ली।
झाड़ियों में छिपाकर रखी थी केबल
कड़ाई से पूछताछ में आरोपी अंसारी ने कबूला कि उसने रविवार सुबह करीब 7:30 बजे अपने भाई अकबर अंसारी और साथी जप्पू नाटी के साथ मिलकर यार्ड की पानी की टंकी के पास लोहे का बॉक्स तोड़ा था। केबल काटते ही जब एक रेल कर्मचारी उधर आता दिखा, तो तीनों घबराकर केबल झाड़ियों में फेंककर भाग गए। मंगलवार (18 अगस्त) की रात जब अंसारी केबल उठाने पहुंचा, तभी RPF की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
दो साथियों की तलाश जारी
RPF ने पकड़ाए आरोपी के खिलाफ रेलवे प्रॉपर्टी (अनलॉफुल पजेशन) एक्ट की धारा 3(ए) और रेल अधिनियम की धारा 147 व 174 के तहत मामला दर्ज किया है। फरार अकबर अंसारी और जप्पू नाटी की तलाश में दबिश दी जा रही है।
गौरतलब है कि जबलपुर, सिहोरा और भिटौनी में लगाए गए सौर ऊर्जा से चलने वाले ये हाई-टेक कैमरे बिना किसी पावर कट के लगातार रिकॉर्डिंग करते हैं, जिनकी सटीक फुटेज से ही यह चोरी का मामला सुलझ सका।
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