सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल होने के बाद यह स्लोगन मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों की परेशानी का प्रतीक बन गया है।

HighLights
- अतिथि शिक्षकों का कहना है कि अब पढ़ाने के साथ ई-उपस्थिति लगाना भी रोज की जिम्मेदारी है
- कई शिक्षकों की पदस्थापना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में है, समय पर स्कूल पहुंचने लंबी दूरी तय करना होती है
- मानसून में खराब सड़क और जाम की वजह से दिक्कत और बढ़ जाती है, इसलिए बाइक पर स्लोगन लिखवाया
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति और उनके सामने खड़ी समस्याओं को लेकर अब सोशल मीडिया के साथ-साथ सड़क पर भी अलग-अलग तरीके से आवाज उठने लगी है। इसी क्रम में एक अतिथि शिक्षक ने अपनी बाइक पर स्लोगन लिखकर व्यवस्था का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया है। बाइक पर बड़े अक्षरों में ‘अतिथि शिक्षक’ लिखने के साथ पोस्टर लगाया गया है, जिस पर संदेश दिया गया है—‘कृपया मार्ग अवरुद्ध न करें, ई-उपस्थिति लगाना है।’
अतिथि शिक्षकों के बीच यह स्लोगन चर्चा का विषय बना हुआ है। शिक्षकों का कहना है कि स्कूलों में समय पर पहुंचकर विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ अब ई-उपस्थिति दर्ज करना भी उनकी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
कई अतिथि शिक्षकों की पदस्थापना जिले के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में है। ऐसे में उन्हें निर्धारित समय पर स्कूल पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति और यातायात की परेशानियां भी उनके लिए चुनौती बनी रहती हैं।
अतिथि शिक्षकों के साथ न्याय कब होगा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर के साथ अतिथि शिक्षक ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लिखा है कि यह पहल ‘अंधी, बहरी और गूंगी सरकार को जगाने का अच्छा तरीका’ है और सवाल किया है कि आखिर अतिथि शिक्षकों के साथ न्याय कब होगा।
शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को सुचारु रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं और भविष्य को लेकर स्थायी समाधान की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
बाइक पर लगाया गया यह स्लोगन अब अतिथि शिक्षकों की परेशानी और व्यवस्था के प्रति उनकी नाराजगी का प्रतीक बनकर सामने आया है। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे पढ़ाने की जिम्मेदारी निभाएंगे, हक की आवाज भी उठाएंगे।
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