पंचायत में प्रस्ताव पारित किया गया कि गांव में अब कोई भी व्यक्ति मां के नाम पर अपशब्द या गाली-गलौज करेगा तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। …और पढ़ें

HighLights
- मदर्स-डे पर मां के सम्मान में ग्राम पंचायत ने पारित किया प्रस्ताव
- गांव में अब कोई भी व्यक्ति मां के नाम पर अपशब्द या गाली-गलौज करेगा तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा
- पहली बार 1000 और दोबारा गाली गलौज करने पर 5000 रूपये का जुर्माना होगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। जिले की ग्राम पंचायत पलसोड़ा ने सामाजिक सुधार और महिलाओं के सम्मान को बढ़ावा देने के लिए एक नई और अनूठी पहल की है।
पंचायत में प्रस्ताव पारित किया गया कि गांव में अब कोई भी व्यक्ति मां के नाम पर अपशब्द या गाली-गलौज करेगा तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। पहली बार 1000 और दोबारा गाली गलौज करने पर 5000 रूपये का जुर्माना होगा। इसके बाद भी अगर मां के नाम पर गाली गलौज की जाती है तो सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा।
गांव की सरपंच रेखा बाई मईडा के अनुसार महिलाओं के सम्मान को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया है। इधर ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रस्ताव से महिलाओं के प्रति सम्मान बढ़ेगा और समाज को नया संदेश भी दिया जा सकेगा।
शनिवार सुबह आयोजित पंचायत की बैठक में सरपंच रेखाबाई, उप सरपंच श्यामलाल व्यास सहित अन्य सभी ने एक मधुकर प्रस्ताव पारित किया और इस पर अमल के लिए संकल्प भी दोहराया।
ग्राम पंचायत द्वारा मुनादी कर और पोस्टर आदि लगाकर निर्णय की जानकारी दी जाएगी, साथ ही सामाजिक, धार्मिक कार्यक्रमों में भी इसका प्रचार प्रसार किया जाएगा। इस तरह का फैसला लेने वाली पलसोड़ा पंचायत संभवत: देश की प्रथम ग्राम पंचायत बन गई है।
वहीं ग्राम पंचायत की इस अनूठी पहल की हर जगह सराहना की जा रही है। ग्राम की महिलाओं ने भी पंचायत के इस फैसले का स्वागत किया है। वे पंचायत की इस पहल से काफी खुश हैं। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पंचायत के इस निर्णय से युवाओं में संस्कार पनपेंगे और उन्हें नैतिकता का पाठ मिलेगा। युवाओं में महिलाओं के प्रति सम्मान बढ़ने से बालिकाओं और महिलाओं पर होने वाले अत्याचार और अपराधों को रोकने में भी काफी हद तक मदद मिलेगी। वहीं ग्राम के युवाओं ने भी पंचायत के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस कदम से बच्चों में बचपन से ही संस्कार पनपना पैदा होंगे। यह एक स्वागतयोग्य उठाया गया कदम है।
