सराफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में लगातार आ रही तेज गिरावट ने निवेशकों और कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। कुछ महीने पहले तक रिकार्ड ऊंचाई पर पह…और पढ़ें

HighLights
- कुछ महीनों में चांदी करीब आधी और सोना भी 40 हजार रुपये प्रति दस ग्राम तक टूटा
- ऊंचे भाव में खरीदी करने वालों पर बढ़ा दबाव
- लगातार हो रही इस गिरावट ने पूरे सराफा बाजार को असमंजस की स्थिति में ला खड़ा किया है
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम : सराफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में लगातार आ रही तेज गिरावट ने निवेशकों और कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। कुछ महीने पहले तक रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंची दोनों कीमती धातुएं अब लगातार कमजोर हो रही हैं। इससे जहां निवेशकों का भरोसा डगमगाया है, वहीं सराफा कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। ऊंचे भाव पर खरीदारी करने वाले व्यापारियों और निवेशकों को भारी नुकसान की आशंका सताने लगी है।
जानकारों के अनुसार वर्ष 2026 की शुरुआत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर चांदी चार लाख रुपये प्रति किलो से अधिक के स्तर तक पहुंच गई थी। अब इसके भाव घटकर करीब 2.17 लाख रुपये प्रति किलो रह गए हैं। इसी तरह 1.82 लाख रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर तक पहुंचा सोना भी गिरकर करीब 1.42 लाख रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया है। लगातार हो रही इस गिरावट ने पूरे सराफा बाजार को असमंजस की स्थिति में ला खड़ा किया है।
कारोबारियों का कहना है कि तेजी के दौर में ऊंचे दाम पर खरीदा गया माल अब कम कीमत पर बिक रहा है। इससे पूंजी फंसने के साथ नुकसान का दबाव बढ़ गया है। दूसरी ओर निवेशक भी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि मौजूदा स्तर पर खरीदारी करें या बाजार के और नीचे आने का इंतजार करें। इसी असमंजस के कारण बाजार में कारोबार की गति भी धीमी पड़ी है।
सराफा व्यापार से जुड़े लोगों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डालर की चाल और निवेशकों की बदलती रणनीति का सीधा असर घरेलू बाजार पर दिखाई दे रहा है। कीमतों में लगातार आ रहे उतार-चढ़ाव से बाजार में स्थिरता नहीं बन पा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कीमती धातुओं में निवेश करते समय केवल तेजी की उम्मीद के आधार पर निर्णय लेना जोखिम भरा हो सकता है। बाजार में फिलहाल अनिश्चितता का दौर बना हुआ है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए बाजार की दिशा स्पष्ट होने तक सतर्कता बरतने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
व्यवसायी प्रतीक जैन व ऋषभ संघवी का कहना है कि सोना-चांदी की कीमतें और नीचे जाने का अनुमान है। बाजार के जानकारों के अनुसार चांदी 1.70 लाख और सोना 80 हजार के स्तर तक आ सकता है। गत वर्ष जुलाई में चांदी 1.17 लाख और सोना 1.03 लाख रुपये के स्तर पर थे। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि सोना-चांदी धीरे-धीरे धड़ाम से नीचे आ सकते हैं।
व्यवसायियों के अनुसार शुक्रवार को हाजर में चांदी 2.23 लाख व सोना 1.42 लाख रुपये रहे। आरटीजीएस (बिल) में चांदी 2.26 लाख व सोना 1.47 लाख रुपये बेचे गए। लगातार मंदी से वर्तमान में सराफा में पूरा माहौल निराशाजनक बना हुआ है। जरूरी खरीदी करने वाले भाव और नीचे आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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