रतलाम जिले में करीब एक सप्ताह से बारिश थमने के कारण खरीफ फसलों के अंकुरण पर असर पड़ा है।

HighLights
- अब तक 3.10 लाख हेक्टेयर में हो चुकी खरीफ की बोवनी
- कृषि विभाग ने फिलहाल किसानों को डोरे चलाने की दी सलाह
- आने वाले दो-चार दिनों में रतलाम जिले में हो सकती है अच्दी बारिश
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। रतलाम जिले में करीब एक सप्ताह से वर्षा का दौर थमा हुआ है। लगातार मौसम साफ रहने और वर्षा नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। खरीफ सीजन की बोवनी कर चुके किसानों को अब अच्छी वर्षा का इंतजार है।
खेतों में पर्याप्त नमी नहीं मिलने के कारण कुछ स्थानों पर बीजों का अंकुरण प्रभावित हुआ है। ऐसे खेतों में किसानों को दोबारा बोवनी करनी पड़ रही है। हालांकि कृषि विभाग के अनुसार जिले में फिलहाल बड़े पैमाने पर दोबारा बोवनी जैसी स्थिति नहीं बनी है।
जिले में खरीफ फसलों की बोवनी का लक्ष्य 3.37 लाख हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले अब तक करीब 3.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोवनी हो चुकी है। इस तरह जिले में अधिकांश क्षेत्र में खरीफ फसलों की बोवनी पूरी हो गई है। किसान अब फसलों की बढ़वार के लिए वर्षा का इंतजार कर रहे हैं। लंबे समय तक मौसम साफ रहने की स्थिति बनी रही तो खेतों में नमी की कमी से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
पर्याप्त नमी के अभाव में वापस बोवनी करनी पड़ेगी
सहायक संचालक कृषि भीका वास्के ने बताया कि जिले में इक्का-दुक्का स्थानों पर ही दोबारा बोवनी की स्थिति बनी है। कहीं-कहीं पर्याप्त नमी के अभाव में बीजों का अंकुरण नहीं होने से किसानों को फिर से बोवनी करनी पड़ रही है, लेकिन जिलेभर में व्यापक स्तर पर ऐसी स्थिति नहीं है। आगामी दो से चार दिन में अच्छी वर्षा होने पर स्थिति सामान्य हो सकती है।
बारिश के रुकने से बढ़ी किसानों की चिंता
कृषि विभाग ने वर्तमान मौसम को देखते हुए किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार अभी खरपतवार नाशक दवाओं का छिड़काव नहीं किया जाए। इसके बजाय खेतों में डोरे चलाकर खरपतवार नियंत्रण किया जा सकता है। इससे खेत की नमी को संरक्षित रखने में भी मदद मिलेगी।
जिले में खरीफ की बोवनी लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, लेकिन वर्षा में आए लंबे अंतराल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं। समय पर वर्षा होने से अंकुरित फसलों को राहत मिलेगी और खरीफ फसलों की बढ़वार भी सामान्य हो सकेगी।
सोमवार सुबह आठ बजे समाप्त हुए बीते चौबीस घंटों के दौरान जिले में कहीं भी वर्षा नहीं हुई। जिला गत वर्ष की तुलना में पीछे हैं। गत वर्ष अब तक जिले में औसत 341 मिमी वर्षा हुई थी। रविवार के मुकाबले सोमवार को अधिकतम तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट व न्यूनतम तापमान में 0.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह की आर्द्रता 83 प्रतिशत व शाम की 78 प्रतिशत रही, जो रविवार को क्रमश: 88 व 72 प्रतिशत थी।
रतलाम जिले की तहसीलों में अब तक कहां-कितनी बारिश
- आलोट 281.0 मिमी
- जावरा 217.0 मिमी
- ताल 196.0 मिमी
- पिपलौदा 264.0 मिमी
- बाजना 154.0 मिमी
- रतलाम 329.0 मिमी
- रावटी 174.0 मिमी
- सैलाना 212.0 मिमी
- औसत 228.38 मिमी
