गांव में बीमार-प्रसूताओं के लिए एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती और स्कूली बच्चों के स्कूल वाहन भी आना बंद हो जाता हैं। इसी समस्या को देखते हुए बुधवार तड़के छ…और पढ़ें

HighLights
- सड़क के लिए युवक अन्न-जल त्याग सांसद कार्यालय तक लगा रहा दंडवत
- जोहां-श्यामपुर मार्ग की बदहाली पर युवक नवनीत तोमर का छलका दर्द
- अभी साथ कोई नहीं, मरने के बाद करोड़ों आएंगे- नवनीत तोमर
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। पंचायत से लेकर कलेक्टर की जनसुनवाई और सरपंच से लेकर सांसद तक मांग करने के बाद भी गांव की सड़क नहीं बनी तो एक युवक दंडवत करते हुए सांसद कार्यालय तक निकल गया। युवक की मांग अंबाह विधानसभा के जोहां-श्यामपुर रोड के निर्माण की है। नवनीत तोमर नाम के युवक का कहना है, कि जब तक सड़क नहीं बन जाएगी, तब तक वह न तो खाना खाएगा, नहीं पानी पिएगा। अंबाह विधानसभा के जोहां-श्यामपुर गांव का रोड कई दशक से कच्चा है, बारिश में यहां कीचड़ भर जाता है। पैदल निकलना तक दूभर हो जाता है।
गांव में बीमार-प्रसूताओं के लिए एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती और स्कूली बच्चों के स्कूल वाहन भी आना बंद हो जाता हैं। इसी समस्या को देखते हुए बुधवार तड़के छह बजे से नवनीत सिंह पुत्र मुरारीलाल तोमर नाम के युवक ने अन्न-जल त्यागकर सांसद शिवमंगल सिंह तोमर के आवास और कार्यालय तक दंडवत यात्रा शुरू कर दी। कीचड़ से भरी जर्जर सड़क पर दंडवत करते निकलते नवनीत को मनाने के लिए गांव के कई लोग व उनके स्वजन आए, पर उन्होंने साफ कहा कि अब या तो उसकी जान जाएगी या सड़क बनेगी।
नवनीत सिंह तोमर का कहना है कि गांव के लोग वर्षों से टूटी और कीचड़ से भरी सड़क की यातना झेल रहे हैं। बरसात के दिनों में हालात इतने भयावह हो जाते हैं कि प्रसूता महिलाओं को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सकता और कई बार गांव में ही प्रसव कराने की नौबत आ जाती है। वहीं स्कूली बच्चे भी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई के लिए निकलते हैं। सड़क की दुर्दशा के कारण कई वाहन गांव तक आने से भी कतराते हैं, जिससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
युवक ने कहा कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि गांव में आकर सड़क बनाने के बड़े-बड़े वादे करते हैं, सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने चुनाव में वोट मांगने के दौरान कहा कि छह महीने में पक्की सड़क बन जाएगी, लेकिन सालों बाद नहीं बनी, दूसरे चुनाव भी आने को हैं।
अभी साथ कोई नहीं, मरने के बाद करोड़ों आएंगे
नवनीत सिंह तोमर ने समझाने पहुंचे ग्रामीणों से कहा कि अभी मेरे साथ कोई नहीं है। मैं मर जाऊंगा तो करोड़ों लोग आ जाएंगे। भरत तिवारी के साथ भी कोई नहीं था, मरने के साथ कितने लोग खड़े हो गए, वैसे ही होंगे। मैं मर जाऊंगा तब सड़क बनेगी, पर बनेगी। जीते जी बन जाए अच्छी बात है। अगर मुझे पकड़कर थाने बंद करवाया या कहीं ले गए तो वहां से छूटकर आत्महत्या करूंगा, पर रोड मुझे चाहिए। दिल्ली से रात 12 बजे चला, गांव में सुबह छह बजे आ गया और पुलिया पर अपनी गाड़ी खड़ी करके दंडवत यात्रा शुरू कर दी है।
