सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पुलिस के हलफनामे में गंभीर त्रुटियां हैं। अपीलकर्ता और उसके भाई के पिता के नाम अलग-अलग दर्ज किए गए, जिससे न्यायालय ने…और पढ़ें

HighLights
- पुलिस टीम की वीडियोग्राफी और जीपीएस रिकार्ड तलब
- भोपाल पुलिस आयुक्त को उपस्थिति से छूट का आवेदन मंजूर
- गिरफ्तारी के लिए पुलिस को 15 दिन का अंतिम अवसर दिया
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल व न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने हत्या के मामले में जमानत पर रिहा होने के बाद 35 वर्ष से फरार चल रहे भोपाल निवासी नवाब सेटिंगवाला की गिरफ्तारी को लेकर भोपाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है।
कोर्ट ने भोपाल पुलिस आयुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट का आवेदन स्वीकार करते हुए गिरफ्तारी के लिए 15 दिन का अंतिम अवसर दिया। साथ ही निर्देश दिए कि गिरफ्तारी अभियान में शामिल पुलिस दल की वीडियोग्राफी, जीपीएस लोकेशन और प्रतिदिन किए गए प्रयासों का विस्तृत विवरण रिकार्ड पर प्रस्तुत किया जाए।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पुलिस के हलफनामे में गंभीर त्रुटियां हैं। अपीलकर्ता और उसके भाई के पिता के नाम अलग-अलग दर्ज किए गए, जिससे न्यायालय ने टिप्पणी की कि रिपोर्ट बिना पर्याप्त सावधानी के तैयार की गई है। अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस ने आरोपित की तलाश के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए।
पूर्व में दायर हलफनामे में प्रयुक्त फाइबर मसाज जैसे शब्द पर भी कोर्ट ने आपत्ति जताई थी और उसका अर्थ स्पष्ट करने के निर्देश दिए थे। मामले की अगली सुनवाई निर्धारित अवधि के बाद होगी।
