नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। ब्रह्मांड में करोड़ों छोटे-बड़े पिंड सूर्य की परिक्रमा करते रहते हैं। इनमें से कुछ क्षुद्रग्रह (एस्टेराइड) ऐसे भी होते हैं जो समय के साथ अपनी कक्षा से थोड़ा विचलित होकर पृथ्वी के अपेक्षाकृत निकट आ जाते हैं।
शुरुआत वर्ष 2015 में की गई थी
संभावित खतरों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर वर्ष 30 जून को इंटरनेशनल एस्टेराइड डे मनाया जाता है। इंटरनेशनल एस्टेराइड डे की शुरुआत वर्ष 2015 में की गई थी।
विज्ञानी लगातार ऐसे क्षुद्रग्रहों की निगरानी कर रहे हैं
विशेषज्ञों का कहना है कि एस्टेराइड बच्चों और युवाओं के बीच हमेशा से आकर्षण का विषय रहे हैं। आधुनिक तकनीक और शक्तिशाली दूरबीनों की मदद से विज्ञानी लगातार ऐसे क्षुद्रग्रहों की निगरानी कर रहे हैं, जिससे पृथ्वी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
भवन, विमान और कार के आकार के कई निकट-पृथ्वी क्षुद्रग्रहों को ट्रैक किया
नासा और अन्य अंतरिक्ष एजेंसियों ने भवन, विमान और कार के आकार के कई निकट-पृथ्वी क्षुद्रग्रहों को ट्रैक किया है। यदि कोई एस्टेराइड भविष्य में पृथ्वी के लिए खतरा बन सकता है, तो विज्ञानी उसकी कक्षा, गति और दिशा का विस्तृत अध्ययन करते हैं। आवश्यकता पड़ने पर उसकी दिशा बदलने की तकनीकों पर भी काम किया जाता है।
चट्टानी पिंड होते हैं एस्टेरादड
एस्टेराइड हमारे सौरमंडल का हिस्सा हैं। ये मुख्य रूप से चट्टानी और धात्विक पदार्थों से बने होते हैं। इनमें वायुमंडल नहीं होता। जब इनमें से कोई पिंड पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करता है तो घर्षण के कारण अत्यधिक गर्म होकर चमकने लगता है, जिससे वह आग के गोले जैसा दिखाई देता है।
जोखिमों को समय रहते समझा जा सकता है
क्षुद्रग्रह सामान्यतः सूर्य की निर्धारित कक्षाओं में घूमते रहते हैं, लेकिन अन्य ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव या अंतरिक्षीय घटनाओं के कारण उनकी दिशा में बदलाव आ सकता है। ऐसे में कुछ क्षुद्रग्रह पृथ्वी के निकट पहुंच जाते हैं। हालांकि आधुनिक विज्ञानी प्रणालियां इनकी गतिविधियों का पहले से आकलन कर लेती हैं, जिससे संभावित जोखिमों को समय रहते समझा जा सकता है।
क्या है एस्टेराइड बेल्ट
एस्टेराइड बेल्ट मंगल और बृहस्पति ग्रह की कक्षाओं के बीच स्थित अंतरिक्ष का विशाल क्षेत्र है, जहां सौरमंडल के अधिकांश क्षुद्रग्रह पाए जाते हैं। विज्ञानियों का मानना है कि यह क्षेत्र उन पदार्थों से बना है जो कभी ग्रह का रूप नहीं ले सके या फिर किसी प्राचीन ग्रह के टूटे हुए अवशेष हैं।
खगोलविदों के अनुमान के अनुसार यहां लाखों क्षुद्रग्रह मौजूद
इस बेल्ट में मौजूद क्षुद्रग्रहों का आकार कुछ मीटर से लेकर सैकड़ों किलोमीटर तक हो सकता है। खगोलविदों के अनुमान के अनुसार यहां लाखों क्षुद्रग्रह मौजूद हैं, जिनका अध्ययन सौरमंडल की उत्पत्ति और विकास को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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