श्रमिक सूत्रों के अनुसार रक्षा उत्पादन क्षेत्र में अपने शानदार उत्पादन, अपडेट तकनीक के प्रदर्शन से निर्माणी की साख में इजाफा हुआ है। आने वाले समय में …और पढ़ें

HighLights
- बीएसएफ, सीआरपीएफ के लिए अत्याधुनिक सुरंगरोधी वाहन।
- अपग्रेड एमपीवी इस वित्त वर्ष में पहली बार लेने जा रही है।
- इस व्हीकल में सबसे उन्नत तकनीक का प्रयाेग किया गया है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। वाहन निर्माणी जबलपुर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के लिए अत्याधुनिक अपग्रेड सुरंगरोधी वाहन (एमपीवी) तैयार कर रही है। उन्नत अनुसंधान के बाद वीएफजे ने इन वाहनों की एक नई और मजबूत डिजाइन तैयार की है, जो सुरक्षा बलों को नक्सल और आतंकी क्षेत्रों में सुरक्षित रखेगी।
महत्वपूर्ण है कि विगत में बीएसएफ के अधिकारियों ने आधुनिक एमपीबी की तकनीक, उपयोगिता को समझने के लिए निर्माणी में डेरा डाल रखा था। प्रोटोटाइप पर कार्य होने के बाद उन्होंने इसे बनाने हरी झंडी दी है। पहली खेप में 12 अधिक स्वदेशी माडल तैयार होंगे।
श्रमिक सूत्रों के अनुसार रक्षा उत्पादन क्षेत्र में अपने शानदार उत्पादन, अपडेट तकनीक के प्रदर्शन से निर्माणी की साख में इजाफा हुआ है। आने वाले समय में निर्माणी लाइट बुलेट प्रूफ व्हीकल पर फोकस करते हुए आधुनिक व्हीकल की नई सीरीज पर कार्य कर रही है।
बीएसएफ और सीआरपीएफ पिछले सालों में भी निर्माणी से सुरंगरोधी वाहनों की खेप लेते रहे हैं, अपग्रेड एमपीवी इस वित्त वर्ष में पहली बार लेने जा रही है। इस व्हीकल में आधुनिक दौर के हिसाब से सबसे उन्नत तकनीक का प्रयाेग किया गया है।
अनेक खूबियों से लैस
- वी-शेप वाली बाडी : कैस्पियर पर आधारित होने के कारण एमपीवी में भी वी-शेप वाली बॉडी है। इसमें सुरक्षा और बचाव के लिए रिमोट वेपन स्टेशन या लाइट-मीडियम मशीन गन के लिए माउंटेड टरेट लगाने की सुविधा है। साथ ही मशीन गन या ग्रेनेड लॉन्चर लगाए जा सकते हैं।
- सुरक्षा में बेजोड़ : ये बख्तरबंद वाहन पांच से लेकर 35 किलोग्राम तक के भारी बारूदी सुरंग या आइईडी विस्फोट को भी आसानी से झेल सकते हैं।
- 12 सीटर होगा : एक बार में 10 से 12 सैन्य जवानों के साथ एक ड्राइवर और को-ड्राइवर इन वाहनों में सुरक्षित सफर कर सकते हैं।
- रक्षा उत्पादन : आधुनिक एमपीवी तैयार करने के बाद इन वाहनों की खेप बीएसएफ और इसके बाद सीआरपीएफ को सौंपी जाएगी।
