आदिवासी जनपद पंचायत बिछुआ के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत किशनपुर में अज्ञात व्यक्ति द्वारा कुएं में जहरीला पदार्थ (सल्फास) मिलाने का मामला सामने आया…और पढ़ें

HighLights
- अज्ञात व्यक्ति द्वारा कुएं में जहरीला पदार्थ मिलाने का मामला सामने आया
- कुएं से आने वाले नल के पानी में झाग (फेन) बनने लगा, मछलियां मरी मिलीं
- कई लोगों ने अनजाने में जहरीले पानी का सेवन कर लिया, सैंपल जांच को भेजा
नईदुनिया प्रतिनिधि, छिंदवाड़ा। आदिवासी जनपद पंचायत बिछुआ के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत किशनपुर में अज्ञात व्यक्ति द्वारा कुएं में जहरीला पदार्थ (सल्फास) मिलाने का मामला सामने आया है। इस घिनौनी हरकत के कारण पूरे गांव में दहशत का माहौल है और पेयजल संकट गहरा गया है।
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कुएं से आने वाले नल के पानी में झाग (फेन) बनने लगा
ग्रामीणों को तब संदेह हुआ जब कुएं से आने वाले नल के पानी में असामान्य झाग (फेन) बनने लगा। जब ग्रामीण कुएं के पास पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि कुएं की जाली और किनारों पर सल्फास पाउडर के निशान बिखरे हुए थे। साथ ही, कुएं के अंदर सल्फास के पैकेट और जहर के असर से मरी हुई मछलियां व अन्य जीव-जंतु तैरते हुए मिले।

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कई लोगों ने अनजाने में इस जहरीले पानी का सेवन कर लिया
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में इस कुएं से पहले ही पानी का वितरण हो चुका था, जिससे कई लोगों ने अनजाने में इस जहरीले पानी का सेवन कर लिया है। पानी में झाग देख लोगों ने तुरंत पानी का उपयोग बंद करवाया। मामले की सूचना मिलते ही प्रशासन अलर्ट हो गया है।

पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा
प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर कुएं के पानी के सैंपल लिए हैं और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है ताकि जहर की तीव्रता का पता चल सके। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कुएं के चारों ओर बाउंड्रीवॉल (सुरक्षा दीवार) न होने के कारण असामाजिक तत्वों को कुएं तक पहुंचना और जहर डालना आसान हो गया।
