हाई कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले से मिले 365 दिन निर्बाध पूजा-अर्चना के अधिकार के बाद पहले शुक्रवार को भोजशाला में मां वाग्देवी की महाआरती और विशेष पूजन की …और पढ़ें

HighLights
- हाई कोर्ट के निर्णय के बाद पहले शुक्रवार को होगी महाआरती व विशेष पूजा की तैयारी
- मस्जिद पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, अधिकारी बोले- हाई कोर्ट के आदेश का पालन होगा
- कमाल मौलाना का उर्स आज, लंगर की भी रहेगी व्यवस्था
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले से मिले 365 दिन निर्बाध पूजा-अर्चना के अधिकार के बाद पहले शुक्रवार को धार नगर स्थित भोजशाला में मां वाग्देवी की महाआरती और विशेष पूजन की तैयारी है। पूरे धार अंचल में उत्सव जैसा माहौल है।
शहर सजधज कर तैयार है और लोग एक-दूसरे को महाआरती में शामिल होने के निमंत्रण दे रहे हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, हिंदू पक्ष सुबह नौ बजे भोजशाला में महाआरती करेगा, जबकि दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में श्रद्धालु ज्योति मंदिर से भोजशाला दर्शन के लिए रवाना होंगे। बता दें कि 721 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद यह पहला अवसर होगा, जब शुक्रवार को भोजशाला परिसर मां वाग्देवी के जयकारों से गूंजेगा। अब तक प्रत्येक शुक्रवार को यहां मुस्लिम पक्ष को नमाज की अनुमति थी।
इधर, हाई कोर्ट के निर्णय को चुनौती देते हुए मस्जिद पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी के सदर अब्दुल समद ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में शुक्रवार दोपहर से पहले सुनवाई होने की संभावना है। वहीं, धार में जिला व पुलिस प्रशासन ने शहर में सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था कर ली है। आसपास के शहरों से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया है। धार के एसपी सचिन शर्मा का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन करवाया जाएगा। शहर में 1500 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं।
कमाल मौलाना का उर्स आज, लंगर की भी रहेगी व्यवस्था
भोजशाला परिसर से सटे कमाल मौलाना दरगाह क्षेत्र में शुक्रवार को उर्स का आयोजन होगा। मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों के अनुसार, उर्स को लेकर प्रशासन को पूर्व में सूचना दे दी गई है। सोसायटी की ओर से दरगाह परिसर में जियारत के साथ लंगर की व्यवस्था भी की जाएगी।
मंदिर पक्ष बोला- वर्षों बाद शुक्रवार को पूजा का पूर्ण अधिकार
शुक्रवार को सूर्योदय से सूर्यास्त तक श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर सकेंगे। वर्षों के लंबे इंतजार के बाद यह पहला अवसर है, जब इस दिन महाआरती की जाएगी। शुक्रवार को भी प्रतिदिन की तरह नियमित पूजा, आरती और धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। परिसर में मां वाग्देवी का प्रतीकात्मक स्वरूप और अखंड ज्योति विराजित है। -गोपाल शर्मा, संयोजक, भोजशाला मुक्ति यज्ञ आंदोलन
मस्जिद पक्ष बोला- हाई कोर्ट के फैसले का करेंगे पालन
हाई कोर्ट के आदेश का पूर्ण पालन किया जाएगा। कमाल मौलाना दरगाह के पास स्वयं की भूमि उपलब्ध है, जहां श्रद्धालु नमाज अदा कर सकते हैं। 22 मई को होने वाले उर्स की जानकारी पूर्व में ही प्रशासन को दे दी गई थी। उर्स हर वर्ष की तरह इस बार भी पारंपरिक, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजित किया जाएगा। – अब्दुल समद, सदर, मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी
