गजराराजा मेडिकल कालेज से एमबीबीएस कर रहे चार छात्र और चार छात्राएं शनिवार को कक्षा खत्म होने के बाद तिघरा डैम पर पिकनिक मनाने गए थे। इसमें द्वितीय वर् …और पढ़ें

HighLights
- प्रतिबंधित क्षेत्र में पैर फिसलने से हुआ हादसा
- बीना के गोपाल के बाद बिहार के आयुष का शव भी बरामद
- SDRF ने रात-दिन चलाया सर्च ऑपरेशन
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। तिघरा डैम पर पिकनिक मनाने के दौरान डूबे एमबीबीएस छात्र आयुष श्रीवास्तव का शव आखिर मिल गया। 20 घंटे से एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही थी। दोपहर करीब दो बजे शव पानी में उतराता मिल गया। शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। वहीं दूसरे छात्र गोपाल अग्रवाल के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद स्वजनों के सुपुर्द कर दिया। स्वजन शव लेकर बीना लेकर रवाना हो गए।
गजराराजा मेडिकल कालेज से एमबीबीएस कर रहे चार छात्र और चार छात्राएं शनिवार को कक्षा खत्म होने के बाद तिघरा डैम पर पिकनिक मनाने गए थे। इसमें द्वितीय वर्ष के छात्र आयुष श्रीवास्तव निवासी मुजफ्फरपुर, बिहार और गोपाल अग्रवाल निवासी बीना भी शामिल थे। यह लोग पहले आगे की तरफ नहा रहे थे। इसके बाद कपड़े पहने और पीछे की ओर चले गए। जहां यह नहाने पहुंचे वह प्रतिबंधित क्षेत्र है। इसे तिघरा बांध का कच्ची पार क्षेत्र बोला जाता है।
पानी की है गहराई करीब 200 से 250 फीट
जहां पानी की गहराई करीब 200 से 250 फीट तक है। यहां गर्मियों में मगरमच्छ भी काफी संख्या में हैं। इसलिए इस क्षेत्र को प्रतिबंधित किया गया है। कच्ची पार के रास्ते में पानी किनारे यह छात्र-छात्राएं चल रहे थे, तभी पैर फिसलने से पहले आयुष फिर गोपाल गिर पड़ा। दोनों गहरे पानी में चले गए। दोनों पानी में डूब गए। सहपाठियों ने तुरंत पुलिस को खबर की। तिघरा थाने का फोर्स पहुंचा और एसडीआरएफ को भी सूचना दी गई।
रात में एसएसपी धर्मवीर सिंह, जीआरएमसी डीन डॉक्टर आरकेएस धाकड़ व अन्य चिकित्सा छात्र भी पहुंच गए थे। रात में गोपाल अग्रवाल का शव करीब 12 बजे मिल गया था। आयुष का शव नहीं मिल सका था। रातभर सर्चिंग चलती रही। दोपहर करीब दो बजे शव फूलकर पानी में ऊपर आ गया। शव को एसडीआरएफ टीम ने बाहर निकाला और पुलिस ने पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया। गोपाल के शव का पोस्टमार्टम दोपहर करीब 12 बजे हुआ। इसके बाद शव स्वजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
रात में इस तरह चला था रेस्क्यू
