समय के साथ अनेक बदलाव हुए और आज इसकी रेंज बढ़कर 36 किलोमीटर की जगह 44 किलोमीटर हो गई है। धनुष तोप के संचालन पर मौसम का कोई भी असर नहीं होता। यह सभी तर…और पढ़ें

HighLights
- 44 किलोमीटर हो जाएगी अब मारक क्षमता
- समय के साथ धनुष तोप में हुए अनेक बदलाव
- बोफोर्स का अपग्रेड वर्जन है धनुष तोप
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। भारतीय सेना की सबसे भरोसेमंद तोप में से एक धनुष अब और भी शक्तिशाली बनकर सामने आ रही है। नए रूप में तैयार इन तोपों की मारक क्षमता 44 किलोमीटर से अधिक होगी।
देश की पहली पूर्णत: स्वदेशी धनुष तोप
यह अपग्रेडेशन वर्जन गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) में तैयार होगा। यह देश की पहली पूर्णत: स्वदेशी धनुष तोप होगी।
क्षमता, उन्नत तकनीक व टारगेट का यह बेजोड़ नमूना
मारक क्षमता, उन्नत तकनीक व टारगेट का यह बेजोड़ नमूना होगा। पहले धनुष तोप 36 से 42 किलोमीटर की रेंज पर फोकस कर रही थी, जो बढ़कर अब 44 किलोमीटर हो जाएगी।
स्वदेशी तकनीक और मेक इन इंडिया पहल के तहत विकसित
धनुष तोप (155 मिमी-45 कैलिबर) को मूल रूप से स्वदेशी तकनीक और मेक इन इंडिया पहल के तहत विकसित किया जाएगा। जीसीएफ पहली खेप में 44 धनुष तोप तैयार करेगी। पहले धनुष को बोफोर्स का अपग्रेड वर्जन माना जाता था। लेकिन आधुनिक तोप जीसीएफ की दक्ष तकनीकी टीम के सहयोग से आकार लेगी।
एक तोप, खूबियां अनेक
- मारक क्षमता : यह तोप सामान्य गोलाबारी में 44 किलोमीटर और विशेष उन्नत गोला-बारूद के साथ सटीक वार कर सकती है।
- तकनीक: इसमें इनर्शियल नेविगेशन-बेस्ड साइटिंग सिस्टम, आटो-लेइंग फैसिलिटी और आन-बोर्ड बैलिस्टिक कंप्यूटेशन शामिल हैं, जो इसे रात और दिन दोनों में सटीक मार करने की क्षमता देते हैं।
- हर मौसम में सक्षम : इस तोप को रेगिस्तान से लेकर कारगिल और सियाचिन जैसे ऊंचाई वाले कठिन इलाकों में आसानी से तैनात करने के लिए सुधारा गया है।
- फायर में भी इजाफा : यह तोप आपातकालीन स्थिति में लगभग 12 राउंड प्रति मिनट और 15 मिनट तक लगातार फायरिंग करने में सक्षम है।
बोफोर्स से धनुष तोप तक का सफर
श्रमिक सूत्रों के अनुसार जीसीएफ में देश की सबसे आधुनिक और स्वदेशी ‘धनुष’ तोप बनाई जा रही है। यह बोफोर्स तोप से अधिक उन्नत है। इसकी मारक क्षमता अब 44 किलोमीटर तक हो जाएगी और इसमें स्वदेशी पुर्जों का उपयोग होगा।
