त्नागिरी तिराहे से आशाराम चौराहे तक अयोध्या बायपास रोड चौड़ीकरण के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) से हरी झंडी मिलने के बाद पेड़ों की कटाई का काम त …और पढ़ें

HighLights
- अयोध्या बायपास पर पेड़ों की कटाई से ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त
- बिना वैकल्पिक ट्रैफिक प्लान के काम शुरू होने से घंटों जाम में फंसे लोग
- निगम ने नहीं भेजे डिपो, किनारे पड़े कीमती कटे पेड़ों को ले जा रहे चोर
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। रत्नागिरी तिराहे से आशाराम चौराहे तक अयोध्या बायपास रोड चौड़ीकरण के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) से हरी झंडी मिलने के बाद पेड़ों की कटाई का काम तेज हो गया है। बीते दो दिनों से बायपास किनारे खड़े पेड़ों की कटाई की जा रही है। इसके चलते अयोध्या बायपास पर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। कटाई कार्य के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर एक लेन बंद कर दी गई है, जिससे दोनों दिशाओं के वाहन एक ही लेन से गुजर रहे हैं। इससे वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया और दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।
बिना वैकल्पिक ट्रैफिक प्लान के कटाई शुरू करने से बिगड़े हालात
रविवार को हालात और अधिक खराब हो गए। अयोध्या बायपास से हर घंटे दो हजार से अधिक दो और चार पहिया वाहन गुजरते हैं। बिना वैकल्पिक ट्रैफिक प्लान के पेड़ों की कटाई शुरू करने से समस्या और बढ़ गई है। ऐसे में कई वाहन घंटों तक जाम में फंस रहे। अयोध्या बायपास पर जगह-जगह लंबी वाहन कतारें लग गईं। कई वाहन चालकों को महज 100 मीटर की दूरी तय करने में आधे घंटे से अधिक का समय लग गया।
छह लेन सड़क के साथ बनेगी सर्विस रोड
7,871 पेड़ों के बदले लगाए जाएंगे 80 हजार पौधे। गौरतलब है कि एनजीटी की प्रिंसिपल बेंच ने 16.5 किलोमीटर लंबे अयोध्या बायपास चौड़ीकरण प्रोजेक्ट को मंजूरी देते हुए 7,871 पेड़ों की कटाई की अनुमति दी है। इसके बदले 80 हजार पौधे लगाने और उनकी 15 वर्षों तक निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। परियोजना के तहत सड़क को छह लेन और दोनों ओर सर्विस रोड के साथ विकसित किया जाना है।
डिपो नहीं भेजे गए कटे हुए पेड़, आसपास के रहवासी कर रहे चोरी
चोरी हो रहे कटे हुए पेड़। दो दिन से चल रही पेड़ों की कटाई में अधिकतर पेड़ काटे जा चुके हैं, लेकिन नगर निगम द्वारा इन पेड़ों को दो दिन बाद भी डिपो नहीं भेजा गया है। ऐसे में आसपास के रहवासी इन पेड़ों के उपयोगी हिस्सों को काटकर अपने घर ले जा रहे हैं। बायपास किनारे हो रही इन पेड़ों की चोरी को देखने वाला भी कोई नहीं है।
