नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। जोनल स्टेशन के यार्ड में शनिवार की शाम 6:45 बजे बड़ी घटना हो गई। बिलासपुर से गतौरा की ओर जा रही मालगाड़ी के एक वैगन के पहिए अचानक पटरी से उतर गए।
मीडिल लाइन की इस घटना से रेलवे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में डीआरएम से लेकर अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचा। इसके बाद राहत कार्य शुरू हुआ। इस घटना के चलते मीडिल लाइन पर यातायात बंद रहा।
वहीं प्लेटफार्म दो-तीन में ट्रेन के स्टापेज की स्थिति नहीं थी। इसलिए मेल व उत्कल एक्सप्रेस जैसी कुछ प्रमुख ट्रेनों का प्लेटफार्म बदलना पड़ा। वहीं दूसरी ओर पटरी से उतरे वैगन को छोड़कर मालगाड़ी के आगे व पीछे के हिस्से को लाइन से हटाया गया। बेटपरी हुए वैगन को हटाने में तीन घंटे मशक्कत करनी पड़ी।
डिरेलमेंट की इस घटना से ट्रेनों का परिचालन तो प्रभावित नहीं हुआ। लेकिन, रेलवे की नजर में यह बड़ी घटना है। इस चूक की वजह क्या है यह तो जांच के बाद स्पष्ट होगी।
रेलवे ने घटना की जांच व वजह को दरकिनार कर पहली प्राथमिकता रेल लाइन सामान्य करने को दी। इधर घटना के संबंध में यह बताया गया कि मालगाड़ी प्लेटफार्म तीन आकर खड़ी हुई और कुछ देर रवाना हुई।
मालगाड़ी के प्रस्थान के लगभग सात मिनट बाद 6:52 बजे ट्रेन मैनेजर ने कंट्रोल को सूचना दी कि ब्रेक वैन यार्ड के पाइंट संख्या 164 पर पटरी से उतर गई है।
इसके 22वें नंबर के वैगन की एक ट्राली (बोगी) पटरी से उतर गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के संबंधित अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंच गई। रिलीफ ट्रेन को भी सूचना दी गई।
इसके बाद बेपटरी मालगाड़ी को वापस पटरी पर लाने का कार्य प्रारंभ हुआ। घटना के कारण मिडिल लाइन एवं प्लेटफार्म दो-तीन प्रभावित हुए।
हालांकि रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अप एवं डाउन मुख्य लाइन रेल यातायात के लिए पूरी तरह चालू हैं और ट्रेनों का परिचालन सामान्य रूप से जारी है।
सबसे पहले मालगाड़ी को गिरे वैगन से अलग किया गया और आधे घंटे के भीतर उसे हटा लिया गया। इसके बाद क्रेन के सहारे क्षतिग्रस्त वैगन को वापस पटरी पर लाने की जद्दोजहद शुरू हुई। तीन घंटे बाद रात नौ बजे यह काम पूरा हुआ।
जांच के लिए क्षतिग्रस्त वैगन को साइड लाइन पर रखा
डिरेलमेंट की घटना के बाद जिस तरह की प्रक्रिया रेलवे अपनाती है, इस मामले में यह किया गया। बेपटरी हुए वैगन को हटाकर साइड लाइन पर रखा गया है। इस वैगन का परीक्षण होगा। प्रथम दृष्टया वैगन में ही तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। क्योंकि जिस स्थान पर घटना हुई, उसमें इंजन से लेकर अन्य वैगन आसानी से गुजर गए। जैसे ही यह वैगन वहां पहुंचा, पहिए पटरी से उतर गए।
इन ट्रेनों का बदला गया प्लेटफार्म
घटना के कारण प्लेटफार्म दो-तीन ट्रेनों के स्टापेज की स्थिति में नहीं थी। इसलिए इन दोनों प्लेटफार्म पर आने वाली ट्रेनों का प्लेटफार्म बदला गया। उत्कल एक्सप्रेस प्लेटफार्म पांच और मेल एक नंबर प्लेटफार्म पर ठहरी और यहीं से गंतव्य के लिए रवाना हुई। इसके अलावा बिलासपुर-टाटानगर प्लेटफार्म नंबर एक से रवाना हुई। ट्रेनों का परिचालन प्रभावित न होने से रेल प्रशासन ने राहत की सांस ली।
देर रात ट्रैक फिट दिया
डिरेल हुए वैगन को रात नौ बजे पुनः पटरी पर चढ़ा दिया गया। लेकिन, ट्रैक फिट घोषित नहीं हुआ। देर रात तक ट्रैक को यातायात के लिए उपयुक्त घोषित किए जाने का इंतजार होता रहा। जब तक ट्रैक फिट नहीं दिया जाता, परिचालन जोखिम भरा होता है।
