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- बिजनेस इकोनॉमिक्स के प्रश्नपत्र में सिलेबस से बाहर के सवाल पूछे गए
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुवि) के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट में बीकॉम प्रथम वर्ष की परीक्षा के दौरान सिलेबस को लेकर विवाद सामने आया है। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि बिजनेस इकोनॉमिक्स के प्रश्नपत्र में सिलेबस से बाहर के सवाल पूछे गए।
2026-27 के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने सिलेबस में बदलाव
विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच में प्रश्नपत्र के सभी सवाल निर्धारित सिलेबस के अनुसार ही पाए गए। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि विद्यार्थियों को विभाग में पुराने सिलेबस के अनुसार पढ़ाई कराई गई, जबकि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने सिलेबस में बदलाव किया है।
नए सिलेबस के अनुसार तैयार हुआ प्रश्नपत्र
विद्यार्थियों का कहना है कि पूरे वर्ष उनकी कक्षाएं पुराने सिलेबस के अनुसार संचालित हुईं। इसी आधार पर उन्होंने परीक्षा की तैयारी की थी। परीक्षा के दौरान जब उन्हें नए सिलेबस के अनुसार तैयार किया गया प्रश्नपत्र मिला तो उसमें पूछे गए सवाल उनके लिए नए थे। यही वजह रही कि विद्यार्थियों को लगा कि प्रश्नपत्र में सिलेबस से बाहर के सवाल पूछे गए हैं और उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया।
प्रशासन की जांच में सभी सवाल सिलेबस के अनुसार
मामले की जानकारी मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्र पहुंचकर प्रश्नपत्र और सिलेबस की जांच की गई। विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग के प्रो. सुनील दुबे ने बताया कि विद्यार्थियों की शिकायत के बाद परीक्षा केंद्र जाकर स्थिति देखी गई। जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र में सिलेबस से बाहर का कोई सवाल नहीं था। हालांकि विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें पुराने सिलेबस से पढ़ाया गया है, जिसके कारण वे प्रश्नपत्र देखकर परेशान हुए।
उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर दर्ज है नया विषय
प्रो. दुबे के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर बिजनेस इकोनॉमिक्स ऑर्गेनाइजेशनल बिहेवियर विषय दर्ज है। सिलेबस में बदलाव के कारण विद्यार्थियों और विभाग के बीच भ्रम की स्थिति बनी। अन्य परीक्षा केंद्रों से इस संबंध में किसी तरह की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में विवाद प्रश्नपत्र के सिलेबस से बाहर होने का नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को पुराने सिलेबस से पढ़ाए जाने का नजर आ रहा है।
छात्रों की तैयारी और नए सिलेबस के बीच बना अंतर
विद्यार्थियों का कहना है कि यदि नए सिलेबस के अनुसार परीक्षा होनी थी तो उन्हें पूरे वर्ष उसी के अनुसार पढ़ाया जाना चाहिए था। पुराने पाठ्यक्रम के आधार पर तैयारी कराने के बाद नए पाठ्यक्रम का प्रश्नपत्र दिए जाने से परीक्षा के समय विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विश्वविद्यालय प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि शिक्षण विभाग में नए सिलेबस को समय पर लागू क्यों नहीं किया गया।
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