बरगी बांध क्रूज हादसे में बड़ा खुलासा हुआ है। क्रूज के दोनों इंजन पहले से खराब थे। मार्च में मैनेजर ने अधिकारियों को पत्र लिखकर समस्या बताई थी, बावजूद …और पढ़ें

HighLights
- क्रूज के दोनों इंजन पहले से खराब बताए गए थे।
- मार्च में मैनेजर ने अधिकारियों को लिखित सूचना दी थी।
- खराबी के बावजूद लगातार पर्यटकों को सफर कराया जाता रहा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बरगी बांध में 30 अप्रैल को हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद अब एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। हादसे में डूबे क्रूज को लेकर पहले जहां सुरक्षा मानकों और संचालन व्यवस्था पर सवाल उठे थे। अब यह जानकारी सामने आई है कि क्रूज के दोनों इंजन पहले से ही खराब थे। इतना ही नहीं, इस संबंध में मार्च महीने में ही रिसॉर्ट प्रबंधन द्वारा पत्र लिखकर समस्या की जानकारी भी दी गई थी। इसके बावजूद क्रूज का संचालन जारी रखा गया।
मामले ने अब पर्यटन विभाग और जल परिवहन संचालन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद प्रशासनिक और तकनीकी जांच तेज कर दी गई है।
मार्च में ही दी गई थी इंजन खराब होने की जानकारी
- जानकारी के अनुसार बरगी हादसे में डूबे क्रूज का संचालन मैकल रिसॉर्ट के माध्यम से किया जा रहा था। रिसॉर्ट प्रबंधन ने मार्च माह में एक पत्र लिखकर स्पष्ट किया था कि क्रूज के दोनों इंजन खराब हैं और संचालन में दिक्कत आ रही है। पत्र में इंजन बदलने और तकनीकी सुधार की आवश्यकता भी बताई गई थी।
बीमा पॉलिसी में भी सामने आई गड़बड़ी
- जांच में यह भी सामने आया है कि क्रूज की बीमा पॉलिसी को लेकर भी कई विसंगतियां हैं। जानकारी के मुताबिक प्रीमियम समय पर जमा किया गया था, लेकिन पॉलिसी गलत तरीके से जारी हुई। ऐसे में हादसे के बाद बीमा क्लेम और जिम्मेदारी तय करने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।
- सूत्रों के अनुसार पॉलिसी के दस्तावेजों में तकनीकी त्रुटियां होने की वजह से अब बीमा कंपनी भी पूरे मामले की अलग से जांच कर रही है।
हादसे के बाद तेज हुई जांच
हादसे के बाद प्रशासन और पर्यटन विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम क्रूज की स्थिति, इंजन की खराबी और सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर रही है। वहीं पुलिस भी जिम्मेदार अधिकारियों और संचालन एजेंसी की भूमिका की जांच में जुटी है।
पर्यटन विभाग पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने पर्यटन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते तकनीकी खामी पर ध्यान दिया जाता और क्रूज संचालन रोका जाता, तो हादसे को टाला जा सकता था। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और प्रशासन ने दोषियों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
