आर्यमन ने कहा कि गुरुवार रात करीब नौ बजे एनटीए ने फाइनल आंसरशीट जारी की थी। तब लग गया था कि रिजल्ट आने वाला है। साढ़े दस बजे करीब रिजल्ट देखा तो पूरे …और पढ़ें

HighLights
- आर्यमन ने कहा कि वे दिन में 12 से 14 घंटे पढ़ाई करते थे।
- एम्स में एडमीशन मिलने का सोचकर ही मन प्रफुल्लित है।
- उन्होंने कक्षा नवमीं से ही नीट की तैयारी शुरू कर दी थी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने गुरुवार देर रात मेडिकल के स्नातक कोर्सों में दाखिले से जुड़ी परीक्षा नीट-यूजी का परिणाम घोषित कर दिया। जबलपुर के छात्र आर्यमन सोलंकी ने मध्य प्रदेश में प्रथम रैंक और देश में 46वीं रैंक प्राप्त की है। वे यूरोलाजिस्ट फणींद्र सोलंकी और गायनाक्लाजिस्ट अनुपमा सोलंकी के पुत्र हैं। इनकी बड़ी बहन तनिया ने भी इसी वर्ष मेडिकल यूजी की पढ़ाई जबलपुर से पूरी की है।
अच्छे नंबर आने की उम्मीद पर एम्स में पढ़ूंगा यह नहीं सोचा था
आर्यमन ने कहा कि गुरुवार रात करीब नौ बजे एनटीए ने फाइनल आंसरशीट जारी की थी। तब लग गया था कि रिजल्ट आने वाला है। साढ़े दस बजे करीब रिजल्ट देखा तो पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। स्टेट Topper रहूंगा यह नहीं सोचा था पर अच्छे नंबर आने की उम्मीद जरूर थी। आर्यमन ने कहा कि वे दिन में 12 से 14 घंटे पढ़ाई करते थे। एम्स में एडमीशन मिलने का सोचकर ही मन प्रफुल्लित है। जब मेहनत का परिणाम मिलता है तो खुशी को शब्दों में बयां करना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि कक्षा नवमीं से ही नीट की तैयारी पूरी मेहनत के साथ शुरू कर दी थी।
पढ़ाई को टेंशन की तरह नहीं लें
अपनी पढ़ाई को लेकर की गई तैयारी के बारे में आर्यमन ने कहा कि उन्होंने पढ़ाई को कभी टेंशन के रूप में नहीं लिया। जब पढ़ाई करते थे तो पूरी एकाग्रता के साथ और खेलते थे तो भी मन लगाकर। पिता फणींद्र सोलंकी ने कहा कि उन्हें अपने बेटे की सफलता पर गर्व है। कक्षा बारहवीं में नीट के पहले जेईई की परीक्षा देकर भी अच्छे अंक लाए थे।
