कटनी की निलंबित सीएसपी नेहा पचिसिया पर हत्या मामले की जांच में पद के दुरुपयोग और जमीन खरीद में अनियमितता के आरोप हैं। एफआईआर के बाद पुलिस उनकी तलाश कर…और पढ़ें

HighLights
- निलंबित सीएसपी नेहा पचिसिया एफआईआर के बाद फरार हैं
- गिरफ्तारी के लिए आठ सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया
- हत्या मामले में चार्जशीट रोकने का आरोप लगाया गया
डिजिटल डेस्क। कटनी की निलंबित सीएसपी (नगर पुलिस अधीक्षक) नेहा पच्चीसिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद से वे फरार चल रही हैं। उन पर एक हत्या के मामले की जांच के दौरान अपने पद का दुरुपयोग करने और बेनामी लेनदेन के जरिए आरोपी के परिवार की जमीन औने-पौने दाम पर खरीदने का गंभीर आरोप है।
मामला दर्ज हुए दो दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन वे अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं और पुलिस टीमें उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही हैं।
गिरफ्तारी के लिए आठ सदस्यीय एसआईटी का गठन
- जबलपुर रेंज के आईजी प्रमोद वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस एसआईटी का नेतृत्व एडिशनल एसपी अंजना तिवारी कर रही हैं। आईजी वर्मा के मुताबिक, पच्चीसिया की आखिरी लोकेशन भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय के आसपास पाई गई थी और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास लगातार जारी हैं।
हत्या के मामले में ऐसे उठाया फायदा
यह पूरी कार्रवाई कुठला थाने में दर्ज हत्या के एक केस से जुड़ी हुई है। आरोप है कि सीएसपी रहते हुए पच्चीसिया ने जानबूझकर तय समय सीमा के भीतर अदालत में चार्जशीट पेश नहीं होने दी, जिसका फायदा उठाते हुए आरोपी को डिफ़ॉल्ट जमानत मिल गई। इसके बाद उन्होंने अपने पद का रौब दिखाते हुए आरोपी के परिजनों पर भारी दबाव डाला और उनकी जमीन को बाजार भाव से बेहद कम कीमत पर खरीद लिया।
एक करोड़ की जमीन 15-20 लाख में खरीदी
- शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य की यह जमीन केवल 15 से 20 लाख रुपये में मारूफ अहमद हनफी के नाम पर खरीदी गई। इस सौदे में हनफी का इस्तेमाल सिर्फ एक ‘मुखौटे’ के रूप में किया गया था।
