नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मानसून ने दस्तक दे दी है और बूंदों ने भी सरगम छेड़ दिए हैं, ऐसे में दिल, दिमाग और कदम तीनों ही सैर-सपाटे के लिए मचल उठते हैं। पर्वतों से बात करते बादल, हवा में घुली नरमी और धूप व बदरा की नोकझोंक इस सैर के आनंद को और भी बढ़ा देती है। यूं तो यह मौसम झरनों का आनंद लेने, नदियों के सौंदर्य को निहारने और खूबसूरत वादियों में पिकनिक मनाने का है लेकिन कुछ स्थान ऐसे भी हैं जहां जाने का सबसे माकूल मौसम है मानसून के शुरुआती दौर का।
मतलब वह दौर जब थोड़ी बहुत वर्षा हो चुकी हो, मौसम में हल्की ठंडक आ गई लेकिन नदियों में बहाव नहीं बढ़ा हो। ऐसा एक स्थान है सेमली नर्मदा गांव जहां आप अगर अभी कुछ दिनों पहले होकर आ गए तो बेहतर होगा नहीं तो साल भर इंतजार करना होगा।
सेमली नर्मदा गांव एक ऐसा स्थान है जो दो नदियों के संगम का साक्षी भी है। इस गांव के समीप पर्वत है और उसकी तलहटी में नर्मदा व खड़ी नदी का संगम होता है। यह स्थान प्राकृतिक सौंदर्य को लिए तो है ही साथ ही मानवीय प्रयासों, कृषि की महत्ता और ग्रामीण जनजीवन की झलक भी दिखाता है। इंदौर से यहां की दूरी न तो बहुत ज्यादा है और न ही शहर के यह बहुत करीब। इसलिए यह भी पर्यटनप्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र होकर भी शांत और शोर-शराबे से दूर है।
बोटिंग का ले सकते हैं आनंद
यह स्थान केवल इसलिए ही खास नहीं क्योंकि यहां दो नदियों का संगम है, बल्कि इसकी खूबी यह भी है कि यहां स्नान का भी लाभ ले सकते हैं, बोटिंग का भी लुत्फ उठा सकते हैं, ट्रेकिंग के रोमांच का भी अनुभव कर सकते हैं और परिवार व दोस्तों के साथ पिकनिक भी बना सकते हैं। बारिश के शुरुआती दौर में जब हल्की-फुल्की बारिश हो रही हो, नदियों का जलस्तर नहीं बढ़ा हो तब यहां आप स्नान और बोटिंग दोनों का ही मजा ले सकते हैं। ग्रामीणों द्वारा यहां बोटिंग कराई जाती है।
ऑफ रोड राइडिंग का भी रोमांच
राइड्स ऑफ राइडर्स के ज्ञानदीप श्रीवास्तव के अनुसार बारिश से पहले ही यहां जाना सबसे अच्छा है क्योंकि नर्मदा का जल स्तर बाकी समय की अपेक्षा कम और पानी एकदम साफ रहता है। इस स्थल तक जाने का रास्ता पक्का है, अगर आप पहाड़, खेत-खलिहान और कच्चे रास्तों का भी आनंद लेना चाहते हैं तो वह शौक भी यहां पूरा कर सकते हैं। ऑफ रोड राइडिंग के शौकीनों के लिए भी यह स्थान उचित है।
पहाड़ पर जाने के लिए ऑफ रोड राइडिंग की जा सकती है। यह करीब 400 मीटर की ही है लेकिन आनंद भरपूर आता है। वैसे यहां गर्मी में भी पानी रहता है और इसकी वजह है नर्मदा नदी का यहां होना, लेकिन इस मौसम में गर्मी कम सताती है और हवा में घुली नरमी व ठंडक सुकून देती है।
खानपान की भी है सुविधा
खानपान के शौकीन इंदौरी जब भी कहीं जाते हैं तो इस बात की चिंता और पूछपरख सबसे पहले होती है कि अमुक स्थल पर रेस्टोरेंट, कैफे आदि है या नहीं। वहां के भोजन की विशेषता क्या है आदि। यही सवाल यहां जाने वालों के मन में भी आता है। इसका उत्तर है कि यहां खानपान की माकूल व्यवस्था है। गांव में खानपान की दुकानें बनी हुई हैं। अपना भोजन खुद भी बना सकते हैं।
इस तरह पहुंच सकते हैं यहां
अगर आप इंदौर से सेमली नर्मदा गांव जा रहे हैं तो इसका सबसे सहज और बेहतर रास्ता देवगुराड़िया होते हुए जाता है। इंदौर बायपास से देवगुराड़िया होते हुए पेडमी पहुंचे। पेडमी से उदयनगर होते हुए पीपरी गांव और वहां से सेमली नर्मदा गांव जा सकते हैं। देवगुराड़िया से इस स्थान की दूरी 80 किमी है। इंदौर से गांव को जोड़ने वाला मार्ग पक्का है इसलिए किसी भी वाहन से जाया जा सकता है। महज डेढ़ से दो घंटे में यहां पहुंचा जा सकता है। मार्ग में आप देवगुराड़िया सहित अन्य स्थानों के दर्शन भी कर सकते हैं।
