बाणगंगा थाना पुलिस ने अफसरों, कर्मचारियों और बिल्डरों को ब्लैकमेल करने वाले एक कथित गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बाणगंगा थाना पुलिस ने अफसरों, कर्मचारियों और बिल्डरों को ब्लैकमेल करने वाले एक कथित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरोप है कि गिरोह ने बिजली विभाग के कार्यपालक निदेशक शिवलाल करवाड़िया को जाल में फंसाकर लाखों रुपये की वसूली की। पुलिस ने एक अखबार के संपादक समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मामले में एक महिला को भी आरोपित बनाया गया है, जिसकी मदद से कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग की जाती थी।
पुलिस के अनुसार, पोलोग्राउंड निवासी कार्यपालक निदेशक शिवलाल करवाड़िया ने अनवर खान, सिद्दीक खान, फारुख खान और साधना सिंह शक्तावत के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। सोमवार रात पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर अनवर, सिद्दीक और फारुख को चंदननगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देकर वसूली का आरोप
एसीपी रुबिना मिजवानी के अनुसार, अनवर खान स्वयं को एक अखबार का संपादक बताता था। आरोप है कि उसने भ्रामक खबरें प्रकाशित कर रुपये की मांग की। रुपये नहीं मिलने पर साधना सिंह शक्तावत की मदद से दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी दी और जून 2024 से फरवरी 2026 के बीच करीब दो लाख रुपये वसूल लिए। दोबारा रुपये मांगने पर शिवलाल करवाड़िया ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
आठ कर्मचारियों ने भी लगाए ब्लैकमेल के आरोप
पुलिस कार्रवाई के बाद बिजली कंपनी के आठ कर्मचारी भी सामने आए। उन्होंने आरोप लगाया कि अनवर और उसके साथियों ने महिला के माध्यम से उन्हें भी ब्लैकमेल किया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, दुष्कर्म और छेड़छाड़ के मामलों में फंसाने की धमकी देकर उनसे भी रुपये वसूले गए। कुछ नेताओं ने भी पुलिस से शिकायत की है।
