वन्य प्राणियों के लगातार हो रहे बाघों के हमलों से वन क्षेत्र से सटे गांवो में काफी दहशत है। जरूरी है कि पार्क टीम को ऐसे चिन्हित स्थलों पर गश्ती पर और …और पढ़ें

HighLights
- मानपुर अस्पताल में किया गया प्राथमिक उपचार
- गांव से सटे सिद्ध बाबा ज्वालामुखी मंदिर गए थे
- झाड़ियों में छिपे टाइगर ने दहाड़ मरकर हमला किया
नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। बांधवगढ में फिर एक बार टाइगर ने हमला करके एक युवक को घायल कर दिया है। इस घटना में मानपुर परिक्षेत्र से सटे दुलहरा गांव के धर्मेंद्र पिता बाबूवा बैगा उम्र 32 वर्ष गम्भीर रूप से घायल हो गया है।
108 की मदद से शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफेर
खबर है कि इस हमले में घायल युवक के सर व पैर गंंभीर रूप से चोटिल हुए है। घटना के बाद घायल युवक को मानपुर अस्पताल लाया गया,जहाँ प्राथमिक उपचार कर घायल को 108 की मदद से शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
हमले के बाद ग्रामीणों ने शोरगुल किया
घायल धर्मेंद्र बैगा गांव से सटे सिद्ध बाबा ज्वालामुखी मंदिर गए थे, इसी बीच झाड़ियों में छिपे टाइगर ने दहाड़ मरते हुए हमला कर दिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने शोरगुल किया, जिसके बाद टाइगर जंगल की ओर भाग गया।
बाघ के हमले में गई , जंगल के अंदर मिला था शव
बता दें कि बांधवगढ टाइगर रिज़र्व पनपथा कोर रेंज के चंसुरा बीट में रविवार की दोपहर टाइगर ने एक अधेड़ पर अटैक कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई। घटना स्थल पर ही आदिवासी युवक रज्जू पिता पितई कोल उम्र करीब 46 वर्ष निवासी कुदरी की जान चली गई।
महुआ के सूखे फूल बीनने के लिए गया था
यह घटना रविवार को उस समय हुई जब रज्जू वन परिक्षेत्र पनपथा कोर की बीट चन्सुरा के कक्ष क्रमांक आरएफ 446 रेतहा नाला के पास महुआ के सूखे फूल बीनने के लिए गया था। चसुरा बीट में चहल कदमी कर रहे टाइगर ने उस पर हमला बोल दिया।
जानवरों ने खाया शरीर का हिस्सा
इस घटना में अधेड़ का अधिकांश शरीर टाइगर का निवाला बन गया है। पार्क प्रबंधन का कहना है कि शव के कमर जांघ और पेट के हिस्से को संभवतः हिंसक वन्य प्राणी द्वारा क्षतिग्रस्त किया गया है। स्थानीय वन अमला, पुलिस स्टाफ एवं ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि मौक़े पर मौजूद रहे।
अमरपुर हॉस्पिटल में सुरक्षित रखा गया था शव
देर शाम को ग्रामीणों और स्वजनों से सहमति बना कर शव को पोस्ट मार्टम परीक्षण के लिए अमरपुर हॉस्पिटल में सुरक्षित रखा गया था।
