नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के साथ अब यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी खानपान सुविधाएं देने की तैयारी भी शुरू हो गई है। रेलवे की नई कैटरिंग पॉलिसी के तहत स्टेशन पर प्रीमियम फूड ब्रांडों के आउटलेट खोले जाएंगे। इसके लिए रेलवे अफसरों ने मल्टीनेशनल कंपनियों से संपर्क की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
स्टेशन का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ने के साथ ही इन ब्रांडेड आउटलेट्स की स्थापना की योजना पर काम शुरू हो गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार नई कैटरिंग पॉलिसी में केएफसी, मैकडोनल्ड्स, पिज्जा हट, डोमिनोज सहित अन्य प्रतिष्ठित फूड ब्रांडों को रेलवे स्टेशनों पर स्थान देने का प्रविधान किया गया है।
बंद हो चुका है फूड प्लाजा
पूर्व में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक एक पर पार्सल कार्यालय के पास कमसम कंपनी को फूड प्लाजा के लिए जगह दी गई थी, लेकिन स्टेशन पुनर्विकास का कार्य शुरू होने के बाद तोड़फोड़ के चलते फूड प्लाजा को बंद कर दिया गया। अब वर्तमान में स्टेशन पर छोटे-छोटे फूड स्टाल संचालित हो रहे हैं, जिन पर बिस्किट, नमकीन, चिप्स, फ्रूटकेक, कोल्ड ड्रिंक, पानी की बोतलें जैसी सामग्री मिलती है। इसके अलावा प्लेटफार्म क्रमांक एक पर भोजनालय भी संचालित हो रहा है, लेकिन कोई प्रीमियम ब्रांड का आउटलेट नहीं है। ऐसे में अब कानकोर्स पर इन्हें स्थान दिया जाएगा।
एक समय में 3200 से अधिक यात्री ठहर सकेंगे
इसी नीति के तहत ग्वालियर स्टेशन को भी शामिल किया गया है। इससे यात्रियों को बेहतर गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध होगा, वहीं रेलवे की गैर-किराया आय में भी वृद्धि होगी। वर्तमान में ग्वालियर रेलवे स्टेशन का नया कॉनकोर्स आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है। इसकी चौड़ाई लगभग 210 फीट होगी और यहां एक समय में 3200 से अधिक यात्रियों के ठहरने की क्षमता रहेगी। यह क्षेत्र भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के कानकोर्स से भी बड़ा होगा।
रानी कमलापति स्टेशन पर पहले से ही कई प्रीमियम फूड ब्रांड अपने आउटलेट संचालित कर रहे हैं और उसी माडल को ग्वालियर में भी लागू किया जाएगा। चूंकि स्टेशन के कानकोर्स पर छत और शेड निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। ऐसे में निर्माण का यह चरण पूरा होने के साथ ही व्यावसायिक स्पेस विकसित किए जाएंगे, जहां प्रीमियम फूड चेन को दुकानें आवंटित की जाएंगी।
रेलवे को आय का मिलेगा नया स्रोत
इसके लिए संबंधित कंपनियों के साथ शुरुआती स्तर पर बातचीत भी शुरू कर दी गई है। रेलवे का मानना है कि स्टेशन के पुनर्विकास के बाद यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होगी। ऐसे में ब्रांडेड फूड आउटलेट यात्रियों को बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने के साथ स्टेशन की आधुनिक पहचान को भी मजबूत करेंगे। साथ ही इन आउटलेट से रेलवे को व्यावसायिक आय का नया स्रोत मिलेगा, जिससे स्टेशन के रखरखाव और सुविधाओं के विस्तार में भी मदद मिलेगी।
रेलवे बोर्ड की कैटरिंग पालिसी के अंतर्गत यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रीमियम ब्रांड आउटलेट का प्रविधान किया गया है। स्टेशन पर इन आउटलेट को स्थान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी रेलवे द्वारा सुनिश्चित कराई जाएगी। -मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी रेल मंडल झांसी।
