पीएचई की लापरवाही से पानी की सूखी पड़ी टंकी, जली मोटर एवं बिगड़े पड़े हैंडपंपों ने 1200 की आबादी वाले टेकापार कला में जलसंकट गहरा गया है। महिलाएं, बच्चे …और पढ़ें

HighLights
- टेकापार कला और बरखेड़ी में पेयजल व्यवस्था ठप, खेतों के कुओं से ला रहे पानी
- जली मोटर, खराब हैंडपंप और अधूरी नलजल योजनाओं के कारण संकट गहराया
- शिकायतों के बावजूद राहत नहीं, ग्रामीणों ने तत्काल जलापूर्ति की मांग उठाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायसेन/बेगमगंज। भीषण गर्मी के बीच रायसेन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। पीएचई विभाग की लापरवाही और अधूरी पड़ी नलजल योजनाओं का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत मरखेड़ा गुलाब के अंतर्गत आने वाले टेकापार कला और बरखेड़ी गांव इन दिनों गंभीर जलसंकट से जूझ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में 128 घरों तक पाइपलाइन और नल कनेक्शन तो पहुंचा दिए गए, लेकिन टंकी सूखी पड़ी है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं से बिल जमा कराने की बात कही जा रही है।
दोनों गांवों में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था लगभग ठप है। सूखी पड़ी पानी की टंकियां, जली हुई मोटरें और खराब हैंडपंपों के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग प्रतिदिन एक से दो किलोमीटर दूर खेतों में स्थित कुओं से मटमैला पानी लाने को मजबूर हैं।
पानी के लिए रोज का संघर्ष
ग्रामीणों के अनुसार महिलाएं सुबह तड़के ही पानी भरने निकल जाती हैं। कई परिवार साइकिल, मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए पानी की ढुलाई कर रहे हैं। जलसंकट के कारण घरेलू कामकाज के साथ पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था भी बड़ी चुनौती बन गई है।
हैंडपंप खराब, नलजल योजना बेअसर
टेकापार कला में तीन हैंडपंपों में से केवल एक ही चालू है, लेकिन गिरते जलस्तर के कारण उसमें भी पर्याप्त पानी नहीं निकल रहा। एक हैंडपंप की मोटर पिछले एक वर्ष से जली हुई है, जबकि दूसरे में पत्थर फंसने के कारण वह बंद पड़ा है।
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शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामवासियों का आरोप है कि पीएचई एसडीओ राजेश शर्मा से कई बार पेयजल संकट को लेकर गुहार लगाई, लेकिन उन्होंने आज तक ध्यान नहीं दिया। उनकी लापरवाही का खामियाजा डेढ़ हजार की आबादी भुगत रही है। ग्राम पंचायत द्वारा भी पेयजलापूर्ति के लिए टैंकरों से परिवहन की व्यवस्था नहीं की गई है। यदि पंचायत से व्यवस्था हो जाती तो बहुत कुछ राहत मिल सकती थी।
विधायक, सांसद द्वारा ग्राम पंचायत को दिए गए पानी के टैंकर प्रभावशील नेताओं के घरों की शोभा बढ़ा रहे हैं। वहीं बेरखेड़ी गांव में भी इसी प्रकार के जल संकट से हाहाकार मचा हुआ है। आक्रोशित ग्रामीणों ने हैंडपंपों की मरम्मत, कुओं की सफाई एवं परिवहन से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
बरखेड़ी में भी हालात चिंताजनक
टेकापार कला की तरह बरखेड़ी गांव में भी पेयजल संकट गहराया हुआ है। ग्रामीणों ने हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत, कुओं की सफाई और टैंकरों के माध्यम से नियमित पेयजल आपूर्ति की मांग प्रशासन से की है।
