नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। पंचेड़-नामली मार्ग स्थित तुलसी वाटर पार्क में संचालित स्पा सेंटर मामले में शनिवार को जांच के दौरान कई बड़े खुलासे हुए हैं। एफआईआर के अनुसार थाईलैंड की तीन विदेशी युवतियों से मोबाइल ट्रांसलेटर के माध्यम से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने स्पा सेंटर की आड़ में रुपये लेकर देह व्यापार करना स्वीकार किया।
पुलिस ने वाटर पार्क मैनेजर नामली निवासी दिलीप पुत्र प्रहलादसिंह ठाकुर, स्पा संचालक राजस्थान के पाली निवासी नरेश चौहान, मैनेजर जोधपुर निवासी भरत मेवाड़ा को गिरफ्तार कर अनैतिक देह व्यापार अधिनियम व आप्रवास एवं विदेशीयों विषयक अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। तीनों को न्यायालय ने दो दिन के रिमांड पर सौंपा है। चौथा आरोपित वाटर पार्क संचालक रतलाम निवासी योगेश सिंह डाबी फरार है।
घटनाक्रम के बाद जिले में संचालित कई स्पा सेंटर शनिवार को बंद नजर आए। एसपी अमित कुमार ने नामली थाना प्रभारी रमेश कोली और बीट इंचार्ज को शोकाज नोटिस जारी किया है।
तीनों युवतियों को वन स्टाप सेंटर भेजा गया है। मालूम हो कि शुक्रवार शाम दबिश में पुलिस ने स्पा सेंटर के कमरों से थाईलैंड निवासी तीन युवतियों को बरामद किया था। पासपोर्ट की जांच में उनके ठहरने और गतिविधियों की सूचना स्थानीय पुलिस अथवा एसपी कार्यालय को नहीं दी गई थी।
पुलिस ने भाषा की समस्या के कारण युवतियों से मोबाइल ट्रांसलेटर के जरिए पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे स्पा सेंटर में आने वाले पुरुषों से मनचाही रकम लेकर देह व्यापार करती थी। इसमें स्पा संचालक नरेश चौहान, मैनेजर भरत मेवाड़ा और वाटर पार्क मैनेजर दिलीपसिंह सहयोग करते थे।
तलाशी के दौरान कमरों से उपयोग किए हुए और फ्रेश कंडोम के कई पैकेट जब्त किए गए। पुलिस ने आरोपितों के मोबाइल भी जब्त किए हैं। पूछताछ में नरेश चौहान ने वाटर पार्क और स्पा सेंटर का वास्तविक मालिक योगेशसिंह राजपूत निवासी रतलाम को बताया। पुलिस इस मामले में मानव तस्करी के एंगल पर भी जांच करेगी।
राजस्थान के जयपुर से युवतियों का कनेक्शन सामने आया है। जांच में सामने आया है कि युवतियां टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थीं, जबकि वे स्पा सेंटर में कार्य कर रही थी। इनमें से एक युवती का वीजा दो दिन पहले एक्सपायर होना भी पाया गया।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि लोकल फेसिलिटेरर्स की तलाश की जाएगी, जिन्होंने युवतियों को रतलाम तक पहुंचाने, यहां ठहराने और सिम कार्ड उपलब्ध कराने में मदद की। थाईलैंड दूतावास से भी संपर्क किया जा रहा है। प्रशासन के साथ मिलकर एक संयुक्त टीम स्पा चेकिंग और संचालन के बिंदुओं की जांच के लिए बनाई जाएगी।
फोटो- आरोपित दिलीप।
फोटो- आरोपित भरत।
फोटो- आरोपित नरेश।
