मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण (27 % OBC reservation in Madhya Pradesh) को लेकर सात वर्षों से न्यायिक गलियारों में गूंज रहे बहुचर्चित विवाद न…और पढ़ें

HighLights
- मध्य प्रदेश सरकार ने मांगा समय,
- मामले की सुनवाई प्रतिदिन की जाएगी
- 91 याचिकाएं एवं संबद्ध प्रकरण विचाराधीन
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण (27 % OBC reservation in Madhya Pradesh) को लेकर सात वर्षों से न्यायिक गलियारों में गूंज रहे बहुचर्चित विवाद ने बुधवार को एक और महत्वपूर्ण मोड़ लिया।
हाई कोर्ट की विशेष युगलपीठ के समक्ष हुई सुनवाई में राज्य शासन ने अंतिम बहस की तैयारी के लिए समय मांगा, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने सभी याचिकाओं की अंतिम सुनवाई 15 जुलाई से निर्धारित कर दी।
15 जुलाई को 2.30 बजे से अंतिम सुनवाई होगी प्रारंभ
प्रशासनिक न्यायमूर्ति आनंद पाठक व न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की विशेष युगलपीठ ने व्यवस्था दी कि 15 जुलाई को दोपहर 2.30 बजे से अंतिम सुनवाई प्रारंभ होगी। इसके बाद मामले की सुनवाई प्रतिदिन की जाएगी। कोर्ट का यह संकेत महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि वर्षों से लंबित इस संवेदनशील संवैधानिक विवाद को अब तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने की दिशा में गंभीर पहल की जा रही है।
91 याचिकाएं एवं संबद्ध प्रकरण विचाराधीन हैं
उल्लेखनीय है कि 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण से संबंधित 91 याचिकाएं एवं संबद्ध प्रकरण विचाराधीन हैं। विवाद का सीधा संबंध राज्य की विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं, नियुक्तियों, चयन सूचियों और हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से है। यही कारण है कि प्रदेश का एक बड़ा वर्ग लंबे समय से इस मामले में अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा कर रहा है।
