नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश के वन क्षेत्रों में पुरातत्व विशेषज्ञों के साथ मिलकर वन विभाग के अधिकारी पुरातत्व धरोहरों की खोज कराएंगे। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के निर्देश के बाद वन विभाग इसकी कार्य योजना बना रहा है। शासन से स्वीकृति के बाद सभी राष्ट्रीय उद्यान, टाइगर रिजर्व, अभयारण्य में खोज की जाएगी।
मध्य प्रदेश राज्य वन्य प्राणी बोर्ड में विशेषज्ञ सेवाएं देने के लिए केंद्र सरकार और राज्य के पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।
बीते साल भी हुई थी खोज
बता दें कि, मध्य प्रदेश के घने जंगलों और वन क्षेत्रों में छिपी प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों को खोजने के लिए राज्य सरकार व पुरातत्व विशेषज्ञों (एएसआई) द्वारा पिछले वर्ष भी विशेष अभियान चलाकर बांधवगढ़ के जंगलों, रायसेन के जामगढ़ और सीहोर के देवबड़ला (बिलपान) जैसे वन अंचलों में कई प्राचीन मंदिर,गुफाएं,पदचिह्न और अवशेष खोजे गए थे।
वन विभाग ने पिछले वर्ष प्रदेश के 63 वनमंडलों में से 41 जंगलों और उसके पास पाए जाने वाले प्राचीन 1149 देवलोक खोजे थे और इसकी सूची मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंपी गई थी। इन देवलोकों जिन्हें सरना, पुनीत वन, पवित्र निकुंज,बाबा देव स्थान आदि भी कहा जाता है, इनका जनजातीय मान्यताओं में आध्यात्मिक महत्व हैं।
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21 वनमंडलों में खोजे जाएंगे देवलोक
मुख्यमंत्री की मंशा है कि इन्हें भी विभिन्न आवश्यक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाए। इनमें 11 मजार टेकरी भी खोज निकाले थे। इन देवलोकों में धार्मिक अनुष्ठान, मेलों एवं उर्स का भी आयोजन होता है। ये देवलोक 0.1 हेक्टेयर से 20 हेक्टेयर तक में फैले हुए हैं। अब शेष 21 वनमंडलों में भी ऐसे देवलोकों की खोज की जाएगी।
वनों के अंदर 979 और समीप हैं 170 देवलोक
वनमंडल जबलपुर में 34, सतना में सात, सीधी में दो, छतरपुर में 50, छिंदवाड़ा के तीन वनमंडलों में 49 देवलोक हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 41 वनमंडलों के अंदर कुल 979 देवलोक हैं जबकि वनों के पास 170 देवलोक हैं।
इसके अलावा सात स्थलों के अंतर्गत इंदौर वनमंडल के ग्राम काचरोट में पीर दरगाह है, जबकि उत्तर बालाघाट वनमंडल के ग्राम उकवा में दरगाह है, जहां उर्स भी लगता है। इसी प्रकार दक्षिण बालाघाट वनमंडल के मनका टेकरी, सोनेवानी और ग्राम मोहगांवघाट में भी दरगाह है। धार वनमंडल के ग्राम मांडव में मजार वन है। सेंधवा वनमंडल के ग्राम धनोरा में ताजउद्दीन बाबा के नाम से धार्मिक स्थल है।
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