मामले में नाबालिग की गवाही के आधार पर यावर खान पर आरोप लगे थे; पुलिस जांच में कुल 26 आरोपियों की संलिप्तता सामने आने की बात कही गई है।

HighLights
- हाईकोर्ट के 17 जून 2026 के आदेश को दी थी चुनौती
- यावर खान की विशेष अनुमति याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की
- नाबालिग की गवाही के आधार पर यावर खान पर आरोप लगे थे
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल के अधिवक्ता यावर खान की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी है। यावर खान ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर स्थित प्रधान पीठ के 17 जून 2026 के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति नोंगमीकापम कोटिस्वर सिंह की पीठ ने 11 अगस्त को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
याचिका दाखिल करने में हुई देरी को भी पीठ ने माफ कर दिया। इसके बाद अदालत ने याचिका खारिज करते हुए लंबित सभी आवेदनों का भी निपटारा कर दिया।
नाबालिग ने गवाही में लगाए थे दुष्कर्म के आरोप
मामला उस समय सामने आया, जब दुष्कर्म और देह व्यापार से जुड़े प्रकरण में पाक्सो अदालत के समक्ष नाबालिग पीड़िता ने गवाही के दौरान अधिवक्ता यावर खान पर भी दुष्कर्म के आरोप लगाए।
पीड़िता ने बयान में कहा था कि यावर खान ने उसे अपने कार्यालय और बिट्टन मार्केट स्थित मकान पर बुलाकर कई बार ज्यादती की। उसने बताया कि पहले उसे वकील का नाम याद नहीं था। गवाही के दौरान किसी अन्य वकील का नाम लिए जाने पर उसे यावर खान का नाम याद आया।
पीड़िता के बयान के आधार पर अदालत ने अशोका गार्डन पुलिस को उचित कार्रवाई के लिए पत्र भेजा था। इसके बाद पुलिस ने यावर खान को गिरफ्तार किया। मेडिकल जांच के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
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मामले में 26 आरोपी, 18 गिरफ्तार
यह मामला आशुतोष वाजपेयी और अन्य आरोपियों के खिलाफ चल रहा है। नाबालिग के लापता होने और बरामदगी के बाद पुलिस जांच में दुष्कर्म के साथ मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े संगठित अपराध की कड़ियां सामने आईं।
जांच में अब तक 26 आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है, जिनमें 18 गिरफ्तार हो चुके हैं। यावर खान पर वर्ष 2013 में भी एक नाबालिग ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था।
इस प्रकरण में हाईकोर्ट से स्थगन आदेश लिया गया था और मामला अभी लंबित बताया गया है।
