नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल ने प्रदेश के सभी नोटरी अधिवक्ताओं के लिए अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि नोटरी मैरिज ऑफिसर नहीं होता। इसलिए वह विवाह अथवा तलाक से संबंधित डीड्स निष्पादित नहीं कर सकता।
स्टेट बार काउंसिल के सचिव आशीष आनंद ने बताया कि केंद्र सरकार के विधि मंत्रालय की नोटरी सेल, नई दिल्ली के डिप्टी सेक्रेटरी राजीव कुमार की ओर से जारी अधिसूचना, विभिन्न हाई कोर्ट के निर्णयों तथा नोटरी अधिनियम, 1952 और नोटरी नियम, 1956 के प्रविधानों के आधार पर यह स्थिति स्पष्ट की गई है।
लोग नोटरी अधिवक्ता से ऐसे कार्य कराने से बचें
उन्होंने कहा कि नागरिक इस संबंध में जागरूक रहें और नोटरी अधिवक्ता भी ऐसे कार्य कराने से बचें, ताकि अनावश्यक कानूनी परेशानी से बचा जा सके।
अधिसूचना की प्रतियां हाई कोर्ट के जबलपुर, इंदौर व ग्वालियर स्थित रजिस्ट्रार, महाधिवक्ता, सभी जिलों के जिला एवं सत्र न्यायाधीशों, कलेक्टरों व जिला और तहसील अधिवक्ता संघों को भेजी गई हैं।
एमपी स्टेट बार काउंसिल चुनाव : 72 प्रत्याशी बाहर, 50 अब मैदान में
एमपी स्टेट बार काउंसिल चुनाव की द्वितीय चरण की मतगणना के 12 वें दिन तीन प्रत्याशी एलिमिनेट हो गए। इसके साथ ही 122 प्रत्याशियों में अब तक बाहर होने वालों की संख्या 72 पहुंच गई है। शुक्रवार को एलिमिनेट होने वालों में ग्वालियर की प्रतीका पाठक और जबलपुर के वरुण ठाकुर सहित एक अन्य प्रत्याशी शामिल हैं।
निर्वाचन अधिकारी पूर्व न्यायमूर्ति एसके पालों ने बताया कि महिला प्रत्याशी के एलिमिनेट होने के बावजूद अंतिम पांच महिला प्रत्याशियों की श्रेणी में आने पर आरक्षण के आधार पर चुनाव परिणाम में उनका चयन संभव होगा। एलिमिनेट प्रत्याशियों के मतपत्रों में दर्ज मत नियमानुसार द्वितीय वरीयता वाले प्रत्याशियों को अंतरित किए गए।
