नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। नीट यूजी की परीक्षा में प्रदेश भर में प्रथम स्थान पाने वाले आर्यमन सोलंकी ने नईदुनिया से चर्चा में कहा कि उन्होंने 720 में से 696 अंक हासिल किए हैं।
राइट टाउन निवासी आर्यमन ने अपनी स्कूली शिक्षा लिटिल किंगडम स्कूल से प्राप्त की और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी भी शहर के एक संस्थान से की।
उन्होंने बताया कि कक्षा नवमीं से ही नीट की तैयारी शुरू कर दी थी और लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई की। उनके अनुसार सफलता का सबसे बड़ा मंत्र निरंतर मेहनत, सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास है।
माता-पिता से मिली प्रेरणा
आर्यमन ने कहा कि डाक्टर बनने की प्रेरणा उन्हें अपने माता-पिता से मिली। परिवार के वातावरण ने उन्हें चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।
रुचि स्पोर्ट्स, स्विमिंग और बैडमिंटन में भी रही
आर्यमन ने बताया कि पढ़ाई के दौरान उन्होंने कभी भी दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। पढ़ाई के साथ-साथ उनकी रुचि स्पोर्ट्स, स्विमिंग और बैडमिंटन में भी रही।
मानसिक संतुलन के लिए पढ़ाई व गतिविधियां भी जरूरी
उनका मानना है कि मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियां भी जरूरी हैं। नीट के अलावा आर्यमन ने जेईई मेन परीक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 99 परसेंटाइल हासिल किए हैं।
री-नीट को लेकर शुरुआत में थोड़ी घबराहट जरूर थी, लेकिन…
उन्होंने बताया कि री-नीट को लेकर शुरुआत में थोड़ी घबराहट जरूर थी, लेकिन बाद में उन्होंने यह सोचकर खुद को संभाला कि देशभर के लाखों विद्यार्थी भी उसी परिस्थिति का सामना कर रहे हैं।
माता-पिता, शिक्षकों और संस्थान के मार्गदर्शन को देते हैं सफलता का श्रेय
आर्यमन अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और संस्थान के मार्गदर्शन को देते हैं। उनकी उपलब्धि मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।
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