नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर के मरीजों को अब एमआरआई जांच के लिए निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों के महंगा शुल्क चुकाने विवश नहीं होना पड़ेगा। विक्टोरिया जिला अस्पताल में सोमवार से अत्याधुनिक एमआरआई सेंटर की शुरुआत हो गई है।
कम दरों पर एमआरआई जांच की सुविधा मिलेगी
इस नई सुविधा से जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ-साथ निजी अस्पतालों और क्लीनिकों से रेफर होने वाले मरीजों को भी कम दरों पर एमआरआई जांच की सुविधा मिलेगी।
कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत
विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती मरीजों को बाजार मूल्य का लगभग 25 प्रतिशत शुल्क देकर एमआरआई जांच कराई जा सकेगी। निजी अस्पताल और क्लीनिकों से आने वाले मरीजों को भी निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों की तुलना में लगभग आधी कीमत पर जांच उपलब्ध होगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
निजी एजेंसी ने संभाली व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग ने एमआरआई सेंटर के संचालन के लिए कृष्णा डायग्नोसिस के साथ 13 वर्षों का अनुबंध किया है। निजी एजेंसी लगभग साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत से 1.5 टेस्ला क्षमता की अत्याधुनिक एमआरआई मशीन स्थापित कर उसका संचालन और रखरखाव करेगी।
गुणवत्तापूर्ण और किफायती जांच की सुविधा उपलब्ध
मशीन की तकनीकी गुणवत्ता और नियमित सेवाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी। नई एमआरआई सुविधा शुरू होने से शहर और आसपास के जिलों के हजारों मरीजों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और किफायती जांच की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
इस नई सुविधा से…
- आयुष्मान योजना के पात्र मरीजों की एमआरआई जांच सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
- विक्टोरिया अस्पताल के मरीजों के लिए न्यूनतम शुल्क 1340 और अधिकतम 3500 रुपये होगा।
- निजी अस्पताल एवं डाक्टर के मरीजों को जांच के लिए लगभग 35 सौ रुपये शुल्क देना पड़ेगा।
- शहर के निजी डायग्नोसिस सेंटर व अस्पताल में इस जांच के लिए छह से सात हजार रुपये लगते है।
एमआरआइ सेंटर में…
- वर्तमान में सुबह आठ से रात को नौ बजे तक जांच की सुविधा उपलब्ध होगी।
- जल्द ही यह समयावधी बढ़ेगी। 24 घंटे मरीजों को एमआरआर जांच सुविधा होगी।
- लगभग 12 कर्मचारी सेंटर की व्यवस्था संभालेंगे। इसमें तीन टेक्नीशियन शामिल है।
- इस सेंटर में प्रतिदिन औसतन 45 से 50 मरीजों की एमआरआइ जांच संभव होगी।
सीटी स्कैन की सुविधा पहले से है…
विक्टोरिया अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा पूर्व से उपलब्ध है। यह भी निजी एजेंसी के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिसमें प्रति मरीज न्यूनतम 845 रुपये के शुल्क पर सीटी स्कैन हो जाता है। अब एमआरआइ की सुविधा भी रियायती दर पर उपलब्ध होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
एमआरआई के लिए मरीजों को प्रतीक्षा करनी पड़ती है
मेडिकल अस्पताल में भी एमआरआइ सुविधा निजी एजेंसी के माध्यम से संचालित है। वहां पर मरीजों का दबाव अधिक होने से एमआरआई के लिए मरीजों को प्रतीक्षा करनी पड़ती है। सीजीएचएस दर लागू होने के कारण मेडिकल में जांच विक्टोरिया के अपेक्षाकृत ज्यादा दर पर मिलती है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य ही बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही हैं और जिला अस्पताल में एमआरआई मशीन की स्थापना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई मिलेगी
नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कालेज अस्पताल के लिए 1200 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले अत्याधुनिक भवन की योजना भी तैयार हो चुकी है, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई मिलेगी।
विक्टोरिया में 225 बिस्तर का नया भवन निर्माणाधीन
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक अभिलाष पांडे ने कहा कि विक्टोरिया जिला अस्पताल में 225 बिस्तरों वाले नए भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
स्वास्थ्य सेवा बेहतर और सुलभ बनाने के लिए लगातार निवेश
मनमोहन नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 100 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल में उन्नत करने की योजना को भी मंजूरी मिल चुकी है। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक बेहतर और सुलभ बनाने के लिए लगातार निवेश कर रही है।
कार्यक्रम में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल स्तर पर स्थापित यह प्रदेश की चौथी एमआरआई मशीन है। इसकी जांच दरें सीजीएचएस की निर्धारित दरों से भी लगभग 33 प्रतिशत कम रखी गई हैं, जिससे अधिक से अधिक मरीज इसका लाभ उठा सकेंगे।
कार्यक्रम में यह अधिकारी-कर्मचारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. नवीन कोठारी, डाॅ. अमिता जैन, डाॅ. विनीता उप्पल, अजय कुरील, डायग्नोसिस सेंटर मैनेजर विक्रम सिंह पटेल एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
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