नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बड़ा फुहारा के समीप मंगलवार रात आंशिक रूप से धराशायी हुई तीन मंजिला जर्जर इमारत को पूरी तरह ध्वस्त करना नगर निगम के लिए चुनौती बन गया है। बुधवार को दिनभर चले अभियान के बावजूद भवन का शेष क्षतिग्रस्त हिस्सा नहीं गिराया जा सका।
पहले मलबे का कृत्रिम प्लेटफॉर्म तैयार करना पड़ा
करीब 60 फीट ऊंची इमारत तक मशीनें नहीं पहुंच पाने के कारण निगम को पहले मलबे का कृत्रिम प्लेटफॉर्म तैयार करना पड़ा। देर शाम तक मशीनों की मदद से भवन को गिराने के प्रयास जारी रहे। मंगलवार रात से शुरू हुआ मलबा हटाने का कार्य बुधवार सुबह भी जारी रहा।
आने वाले मार्ग और फव्वारा चौक के आसपास बैरिकेडिंग
सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने कमानिया गेट की ओर से आने वाले मार्ग और फव्वारा चौक के आसपास बैरिकेडिंग कर आवागमन पूरी तरह बंद रखा। क्षेत्र में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।
80 डंपर मलबे से तैयार किया प्लेटफॉर्म
नगर निगम की जेसीबी और अन्य भारी मशीनें भवन की ऊंचाई तक नहीं पहुंच पा रही थीं। इसके चलते निगम ने नई रणनीति अपनाई। गिरे हुए हिस्से पर करीब 80 डंपर मलबा डालकर ऊंचा प्लेटफॉर्म तैयार किया गया, ताकि मशीनें ऊपर चढ़कर भवन के क्षतिग्रस्त हिस्से तक पहुंच सकें।
ऊपरी हिस्से में स्टील वायर फंसाकर मशीनों से उसे खींच
दोपहर बाद प्लेटफॉर्म तैयार होने पर लेडर मशीन की सहायता से भवन के ऊपरी हिस्से में स्टील वायर फंसाकर मशीनों से उसे खींचकर गिराने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद दोबारा जेसीबी मशीनों की मदद से इमारत को तोड़ने का अभियान शुरू किया गया।
दो पोकलेन, क्रेन और कई डंपर लगाए गए
नगर निगम के अतिक्रमण प्रभारी मनीष तड़से ने बताया कि अभियान में दो भारी पोकलेन (200 श्रेणी) मशीनें, एक क्रेन और कई डंपरों की सहायता ली जा रही है।
बिजली आपूर्ति भी बंद
हादसे के बाद से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी बंद रखी गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार भवन के आसपास से गुजर रही कई विद्युत लाइनें सुरक्षा की दृष्टि से हटाई गई हैं। जब तक ध्वस्तीकरण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक बिजली बहाल नहीं किए जाने की संभावना है।
हादसे में जनहानि न होना रहा राहत
नगर निगम और प्रशासन का मानना है कि मंगलवार को हुई घटना में जनहानि न होना राहत की बात रही। जिस दिन हादसा हुआ, उस दिन बड़े फव्वारा क्षेत्र में साप्ताहिक अवकाश होने से अधिकांश दुकानें बंद थीं और बाजार में सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम थी। भवन के समीप लगने वाले कुछ ठेले भी उस दिन नहीं लगे थे, जिससे कई लोग संभावित हादसे की चपेट में आने से बच गए।
कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया
घटना के बाद सांसद आशीष दुबे सहित कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। वहीं उत्तर-मध्य विधानसभा के विधायक अभिलाष पांडे शहर से बाहर होने के बावजूद लगातार अधिकारियों के संपर्क में रहे और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि भवन का शेष हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त होने और मलबा हटने तक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रतिबंध जारी रहेगा।
