रांझी के मानेगांव निवासी मंजू उपाध्याय का पुत्र सत्य प्रकाश पब्लिक स्कूल में पढ़ता है। 11 अगस्त को स्कूल में एक आयोजन था। इसमें बाहर से एक व्यक्ति को …और पढ़ें

HighLights
- मां ने लापरवाही का आरोप लगाया
- कलेक्टर कार्यालय में की शिकायत
- ग्वारीघाट पुलिस ने शुरू की जांच
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। पोलीपाथर स्थित सत्यप्रकाश पब्लिक स्कूल में कक्षा चौथी के छात्र के साथ स्कूल प्रबंधन ने उचित व्यवहार नहीं किया। आरोप है कि स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ड्राय आइस के संपर्क में आने से छात्र के हाथ और अंगुलियों में चोट आई। इस मसमले में एफआईआर दर्ज कराई की गई है।
छात्र का स्कूल में उपचार नहीं कराया
घटना के बाद छात्र का स्कूल में उपचार नहीं कराया गया और उसे घर भेज दिया गया। मामले में छात्र की मां ने कलेक्टर कार्यालय और ग्वारीघाट पुलिस से शिकायत की है।
उपचार कराने के बजाय स्वजन को फोन कर उसे घर भेज दिया
इसके संपर्क में आने से अथर्व की अंगुलियों में चोट आई। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने उसका उपचार कराने के बजाय स्वजन को फोन कर उसे घर भेज दिया। घटना के संबंध में महिला ने 13 अगस्त को स्कूल के डायरेक्टर से शिकायत की, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
स्कूल प्रबंधन को पत्र भेजककर रिपोर्ट मांगी
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें वहां से जाने के लिए कह दिया गया। तब महिला ग्वारीघाट थाने पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत को जांच में लिया है। स्कूल प्रबंधन को पत्र भेजकर घटना की विस्तृत जानकारी और रिपोर्ट मांगी है।
ड्राय आइस (Dry Ice) कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का ठोस रूप है
सामान्य बर्फ की तरह यह पानी से नहीं बनती, बल्कि कार्बन डाइऑक्साइड गैस को अत्यधिक ठंडा (-78.5°C तापमान) और संपीड़ित करके बनाई जाती है। यह पिघलने पर पानी नहीं बनती, बल्कि सीधे गैस (धुएं) में बदल जाती है।
ड्राई आइस की मुख्य विशेषताएं
- इसका तापमान लगभग -78.5° सेल्सियस होता है, जो सामान्य बर्फ से बहुत कम है।
- यह ठोस अवस्था से सीधे गैस में परिवर्तित होती है और पीछे कोई तरल अवशेष नहीं छोड़ती।
- छूने पर यह पानी की तरह गीली महसूस नहीं होती।
- खाद्य पदार्थों और मेडिकल सप्लाई को लंबे समय तक ठंडा रखने और ट्रांसपोर्ट करने के लिए।
- फिल्मों की शूटिंग, स्टेज शो और पार्टियों में कोहरे या बादलों जैसा कृत्रिम धुआं पैदा करने के लिए।
- मेटल श्रिंक करने या कूलेंट के रूप में प्रयोप्रयोग करते हैं।
- अत्यधिक ठंड के कारण इसे नंगे हाथों से छूने पर त्वचा सुन्न हो सकती है या गंभीर फोजनबाइट हो सकता है।
- यह पिघलकर भारी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड गैस छोड़ती है।
- बंद या कम हवादार जगहों पर ऑक्सीजन की कमी हो सकती है।
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