वर्षा के दौरान आए तेज तूफान ने ऐसा तांडव मचाया कि जगह-जगह पेड़ धराशाई हो गए। बिजली के तार टूट गए। आधे शहर में ब्लैक आउट की स्थिति बन गई। इधर मानसून की …और पढ़ें

HighLights
- 70 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चली हवाएं, आधे शहर में ब्लैक आउट
- वर्षा के दौरान आए तेज तूफान ने ऐसा तांडव मचाया कि जगह-जगह पेड़ धराशायी हो गए
- बिजली के तार टूट गए, आधे शहर में ब्लैक आउट की स्थिति बन गई
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। कड़कड़ाती बिजली और बादलों की गड़गड़ाहट के साथ मानसून की आमद से शहर तरबतर हो गया। सोमवार शाम को करीब एक घंटे से अधिक समय तक हुई वर्षा ने मौसम में ठंडक तो घोल दी लेकिन वर्षा के दौरान आए तेज तूफान ने ऐसा तांडव मचाया कि जगह-जगह पेड़ धराशाई हो गए।
बिजली के तार टूट गए। आधे शहर में ब्लैक आउट की स्थिति बन गई। इधर मानसून की दस्तक से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। हालांकि मौसम विज्ञानियों ने जमीन में पर्याप्त नमी आने के बाद ही किसानों को फसलों की बुआई का सुझाव दिया है।
सोमवार को सुबह से ही मौसम में ठंडक घुलने के साथ रिमझिम वर्षा का दौर शुरू हो गया था। हालांकि महज आधे घंटे की वर्षा के बाद मौसम साफ हो गया। दिनभर तेज धूप और उमस से लोग परेशान होते रहे लेकिन आसमान में घने बादल छाने लगे और शाम करीब चार बजे मौसम फिर बदल गया। करीब पंद्रह मिनिट तक वर्षा के बाद तेज हवाएं चलने लगीं।देखते ही देखते वर्षा के बीच चल रही हवाओं ने तूफान का रूप ले लिया।
करीब 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने बड़े पेड़ों को नुकसान पहुंचाया। कॉलोनियों में बिजली के तारों पर गिरे पेड़ों ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह से ठप कर दिया। इंदिरा चौक पर माता मंदिर के पास एक पेड़ टूटकर बिजली के तारों पर गिर गया।वर्षा के बीच हुई इस घटना के दौरान बिजली के तारों से हुई स्पार्किंग से लोग सहम गए। पूरे क्षेत्र की बिजली गुल हो गई।
इधर नंद विहार कालोनी के बगीचे में लगे दो नीम और एक बादाम का पेड़ गिर गया। पेड़ों के गिरने से कालोनी में 11केवी की लाइन टूट गई। गली नंबर पांच में पेड़ गिरने से रास्ता बंद हो गया। इसी तरह पंजाब कालोनी में भी ताड़ के और अन्य पेड़ धाराशाई हो गए। यहां भी बिजली गुल होने से लोग परेशान होते रहे। तूफान की जद में केवल पेड़ ही नहीं आए बल्कि बिजली के खंभों को भी नुकसान पहुंचा है।
रामनगर में गरबा चौक पर 11केवी लाइन का एक बिजली का पोल हवा का वेग नहीं सह पाया और गिर गया।गनीमत रही कि इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ। पोल के गिरते ही आसपास के क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। इधर तूफान के कारण मुख्य मार्गों पर लगे विज्ञापनों के होर्डिंग और बोर्ड भी उड़कर सड़कों पर आ गए। इससे वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होती रही।
विद्युत कार्यालय का टोल फ्री नंबर रहा व्यस्त
हर बार की तरह इस बार भी विद्युत वितरण कंपनी के कार्यालय का टोल-फ्री नंबर लगातार व्यस्त आने से लोग परेशान होते रहे। शहरभर से शिकायतों के चलते यहां किसी की शिकायत फोन पर दर्ज हुई तो कोई लगातार प्रयास करता रहा। प्रभावित लोगों ने कहा कि विद्युत वितरण कंपनी द्वारा वर्षा से पूर्व किया जाने वाला मेंटेनेंस हर बार की तरह खानापूर्ति साबित हुआ।
रविंद्रनगर, शंकर नगर में डीपी बंद होने से लोग आक्रोशित नजर आए। क्षेत्र के अनिल दुधे ने कहा कि तीन घंटे से बिजली गुल है। कंपनी के कार्यालय में फोन तक नहीं लगता। केवल एक ही टोल-फ्री नंबर रखा गया है। जबकि शहर की सीमा बढ़ने के साथ शिकायत दर्ज कराने के लिए एक से अधिक नंबर होने चाहिए। इधर कंपनी के पास स्टाफ की कमी के कारण समय पर लोगों की शिकायतों का निराकरण नहीं हो सका।देर रात तक लोग अपने घरों में बिजली आने का इंतजार करते रहे। जगह-जगह से मिली शिकायतों के निराकरण के लिए स्टाफ के साथ बड़े अधिकारी भी मैदान में उतरे।बावजूद इसके कई लोगों को अंधेरे में ही रात गुजारने के लिए मजबूर होना पड़ा।
किसानों को सलाह, अभी बोवनी ना करें
जिले में मानसून की दस्तक तो हो गई है लेकिन अभी पूरी तरह से मानसून सक्रिय नहीं हुआ है। ऐसे में किसानों को बोवनी नहीं करने की सलाह दी जा रही है। मौसम विज्ञानी सौरभ शुक्ला ने बताया कि मानूसून महाराष्ट्र से कुछ आगे बढ़ा है।इसी के चलते लोकल सिस्टम सक्रिय हुआ है। जब तक खेत की जमीन में नौ इंच की गहराई तक नमी ना आ जाए किसानों को उपज की बोवनी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 27 से 28 जून तक मानसून पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है।
पेड़ों के गिरने से इन क्षेत्रों की भी बिजली गुल
- लोहारी नाके के पास बड़ा आवार क्षेत्र में पेड़ बिजली के तारों पर गिर जाने से लाइट गुल हो गई।
- शुक्ला नगर में तेज हवा के चलते बिजली के तार खंभों से टूट गए।
- मिश्रा कंपाउंड में एलटी लाइन का खंभा तेज हवा के चलते झुक गया।इससे विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।
- जसवाड़ी रोड पर भूतेश्वर महादेव मंदिर के पास पेड़ की बड़ी डालियां टूटकर बिजली के तारों में अटक गईं।
- पेट्रोल पंप के पास रेलवे की विद्युत 33 केवी विद्युत लाइन पर पेड़ गिर गया।
पेड़ों के गिरने बिजली के तार क्षतिग्रस्त हुए हैं
पेड़ों के गिरने बिजली के तार क्षतिग्रस्त हुए हैं। उच्चदाब और निम्नदाब की लाइनों के मेंटेनेंस के लिए अलग-अलग गैंग बनाई गई है जो फील्ड पर हैं। सहायक यंत्रियों को भी फील्ड पर भेजकर काम कराया जा रहा है। – ब्रजमोहन गुप्ता, कार्यपालन यंत्री, विद्युत वितरण कंपनी
